तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में नर्सों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला. तमिलनाडु इंटरमीडिएट हेल्थ वर्कर्स एसोसिएशन के बैनर तले सैकड़ों नर्सों ने चेन्नई के प्रसिद्ध राजारत्नम स्टेडियम के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी.
प्रदर्शनकारी नर्सों की मांग है कि उन्हें 'समान काम के लिए समान वेतन' दिया जाए, उनकी नौकरी पक्की की जाए और उन्हें पूरी जॉब सिक्योरिटी मिले.
इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारी नर्सों को हिरासत में ले लिया. नर्सों की कानूनी टीम के समर्थक एडवोकेट वरथाराजन ने सरकार पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं.
TVK सरकार पर धोखाधड़ी का आरोप
वरथाराजन ने कहा, 'TVK सरकार ने हमारे साथ एक बहुत बड़ा विश्वासघात किया है. सरकार हमसे बात करना चाहती थी, पुलिस ने हमें इसकी सूचना दी थी. सभी 4,000 नर्सों ने मिलकर सिर्फ पांच नेताओं को समझौते की बातचीत के लिए भेजने का फैसला किया था. लेकिन जैसे ही वे सचिवालय के अंदर गए, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और हमारे साथ धोखा किया.'
उन्होंने आगे कहा, 'तमिलनाडु के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है. ये टीवीके विजय सरकार की तरफ से किया गया एक बड़ा विश्वासघात है. हम हर परिणाम का सामना करने के लिए तैयार हैं. चाहे कुछ भी हो जाए, हम यहीं डटे रहेंगे. इन सब चीजों की पूरी जिम्मेदारी सीएम विजय की होगी. अगर नर्सों को कुछ भी होता है या किसी की जान पर असर पड़ता है, तो इसके लिए अकेले सीएम विजय ही जिम्मेदार होंगे.'
यह भी पढ़ें: तमिलनाडु में रिश्वतखोरी पर बड़ा एक्शन, TVK सरकार ने एक हफ्ते में 5 पुलिसकर्मियों को किया सस्पेंड
पुलिस ने नर्सों को हिरासत में लिया
बता दें कि प्रदर्शन कर रहीं नर्सों की मांगें हैं कि उन्हें 45,000 प्रति माह वेतन दिया दाए, नौकरी पक्की की जाए और पेंडिंग इंटेंसिव रिलीज किए जाए. वीडियो फुटेज और रिपोर्ट्स के मुताबिक, तय समय सीमा खत्म होने के बाद भी जब नर्सों ने वहां से हटने से इनकार कर दिया, तो पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया.
इस कार्रवाई के बाद से स्वास्थ्य कर्मियों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.