अयोध्या राम मंदिर के चंदा घोटाले के आरोपों पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अलोक कुमार ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया है. उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) का स्वागत किया है.
चंदे में कथित हेराफेरी के मामले पर आलोक कुमार कहा, 'उन्हें (SP प्रमुख अखिलेश यादव) भगवान राम से कोई सहानुभूति नहीं है, वो चुनाव जीतना चाहते हैं...वे राम मंदिर के लिए चंदे के मुद्दे का इस्तेमाल हथियार की तरह कर रहे हैं...हम जांच से पीछे नहीं हटेंगे...उन्हें SIT के सामने पेश होकर सबूत देने चाहिए और अगर वो SIT के सामने पेश नहीं होते और सबूत नहीं देते हैं तो यह माना जाएगा कि उनकी बातें सिर्फ़ दिखावा थीं और उनमें ईमानदारी की कमी थी...'
अयोध्या पहुंच चुकी है SIT
उन्होंने चंदे में गबन के आरोप पर राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से सीएम को पत्र लिखकर एसआईटी गठित करने की मांग पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा, 'मैं इस बात से संतुष्ट हूं कि आरोप लगते ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच के लिए SIT बनाने का अनुरोध किया. SIT में वरिष्ठ, अनुभवी और भरोसेमंद लोग होने चाहिए. SIT अयोध्या पहुंच चुकी है.'
'दोषियों पर हो कार्रवाई'
उन्होंने कहा, 'चंपत राय सबसे पहले SIT के सामने पेश हुए और कहा कि महासचिव के तौर पर यह उनकी मुख्य जिम्मेदारी थी...हम पूरी और गहराई से जांच चाहते हैं, न कि किसी के प्रति सहानुभूति के आधार पर. जिसने भी कोई अपराध किया है, चाहे वह विश्वासघात हो या लापरवाही, उसकी पहचान होनी चाहिए. उन्हें कानून के तहत सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए, चाहे वे कोई भी हों...'
आलोक कुमार ने पुराने मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि एक रामालय ट्रस्ट भी था, जिसने होर्डिंग और पोस्टर लगाए ते कि वह सोने का मंदिर बनाएंगे और हर हिंदू से 10 ग्राम सोना दान करने को कहा था. राम जन्मभूमि पुनरुत्थान ट्रस्ट, उन्होंने मंदिर नहीं बनाया. इसकी भी जांच करवाइए. राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की जांच करवाइए... जहां भी कोई दोषी हो, जो भी कसूरवार हो, उसकी जिम्मेदारी तय कीजिए और उसे सजा दीजिए.'
वीएचपी नेता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा और कांग्रेस को भगवान राम से कोई प्रेम नहीं है. प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने के निमंत्रण को कांग्रेस ने बकायदा एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके ठुकरा दिया था. अब साल 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां चल रही हैं, इसलिए ये दल इस मुद्दे को भुनाने के लिए आक्रामक हो रहे हैं. लेकिन जनता पैसे का गबन करने वालों और राम के नाम पर राजनीति करने वालों, दोनों को माफ नहीं करेगी.