
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साल 2022 के अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा. गांधी ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी की अपराधियों को बचाने की विकृत मानसिकता है. उत्तराखंड के एक रिसॉर्ट में 19 साल की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी.
गांधी ने कहा कि अंकिता भंडारी के परिवार से वह 2 दिन पहले मिले थे. चार साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी वो न्याय का इंतजार कर रहे हैं. बच्ची के खिलाफ एक ऐसे अपराध के लिए जिसकी कोई माफी नहीं.
कांग्रेस नेता ने लिखा, सिर्फ 19 साल की अंकिता वनांतरा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी. वहां एक 'VIP' गेस्ट की शर्मनाक मांगों का विरोध करने पर चिल्ला नहर में डुबोकर उसकी हत्या कर दी गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी हिंसा और डूबने के सबूत मिले थे.''
उन्होंने कहा कि हालांकि, किसी भी तरह की जांच होने से पहले ही रिसॉर्ट में अंकिता के कमरे को तोड़ दिया गया, जो अपने आप में संदिग्ध है.
'बीजेपी-RSS से जुड़े 'VIP' को बचा रही सरकार'
गांधी ने आरोप लगाया, ''इस दुखद मामले का सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि राज्य सरकार आज भी उस 'VIP' को बचा रही है. क्यों? क्योंकि वह BJP-RSS का एक प्रमुख नेता है.''
उन्होंने कहा कि यह बीजेपी की 'विकृत मानसिकता' है - बलात्कारियों और अपराधियों को बचाना, उन्हें राजनीतिक संरक्षण देना, यहां तक कि दोषी बलात्कारियों का माला पहनाकर स्वागत करना.
गांधी ने कहा, ''दुनिया में सबसे घिनौने लोग वे हैं जो बलात्कारियों का बचाव करते हैं, और बीजेपी ऐसे लोगों से भरी हुई है.''
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ''भारत तब तक आगे नहीं बढ़ सकता जब तक कि महिलाओं को पुरुषों के इस्तेमाल की वस्तु समझने वाली यह अमानवीय मानसिकता खत्म नहीं हो जाती. भारत तभी आगे बढ़ेगा जब भारत की महिलाएं सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय के साथ आगे बढ़ेंगी."
क्या था अंकिता भंडारी हत्याकांड?
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले स्थित वनतारा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट भंडारी के सितंबर 2022 में लापता होने की खबर आई थी. बाद में उसकी लाश एक नहर में मिली थी.

जांच में पता चला कि रिसॉर्ट में एक VIP गेस्ट को 'खास' सेवाएं देने की अपने मालिक की मांग को मानने से इनकार करने पर उनकी हत्या कर दी गई थी.
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के कारण पूरे उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद रिसॉर्ट के मालिक समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. बाद में उन्हें हत्या का दोषी ठहराया गया.