मुंबई में अब तक 85 लोगों ने गंभीर बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में पैसिव यूथेनेशिया के लिए अपनी सहमति जताई है. शिवसेना (यूबीटी) के बीएमसी समूह नेता अमेय घोले ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 24 जनवरी 2023 के निर्देशों के अनुसार स्थानीय निकायों के लिए ‘एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव’ (AMD) या ‘लिविंग विल’ को स्वीकार करना, सुरक्षित रखना और प्रबंधित करना अनिवार्य है. लिविंग विल एक लिखित दस्तावेज होता है, जिसमें व्यक्ति पहले से यह तय करता है कि भविष्य में गंभीर स्थिति में वह किस तरह का इलाज लेना या न लेना चाहता है. इस पहल से लोगों में अपने चिकित्सा अधिकारों को लेकर जागरूकता बढ़ रही है.