महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण शहर में शिवसेना के एक नगरसेवक और उनके साथियों पर अस्पताल में दो डॉक्टरों की पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है. यह पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब एक नवजात बच्चे के परिवार को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट होने की सलाह दी गई थी.
सोमवार शाम को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद डॉक्टरों के संगठन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के दबाव में मंगलवार रात नगरसेवक रमेश सुक्रिया म्हात्रे और पांच अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया. अब इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गिरफ्तार आरोपियों के नाम रमेश पवार, प्रमोद निकम और अक्षय कारंडे हैं.
पुलिस के अनुसार, यह घटना कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में हुई. डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉक्टर वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को बताया था कि उनके अस्पताल के नवजात गहन चिकित्सा कक्ष में जगह नहीं है, इसलिए बच्चे को कहीं और ले जाना होगा.
इस बात से नाराज परिजनों ने नगरसेवक को फोन कर बुला लिया. आरोप है कि नगरसेवक ने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों के साथ गाली गलौज की और मारपीट की, जिसमें डॉक्टर सालुंखे को चोटें आईं.
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अस्पताल की मेडिकल हेल्थ ऑफिसर डॉक्टर दीपा शुक्ला और स्टाफ ने सोमवार रात ही पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन उस समय केस दर्ज नहीं हुआ. मंगलवार दोपहर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों और डॉक्टरों के संगठनों ने सत्तारूढ़ शिवसेना पर नगरसेवक को बचाने का आरोप लगाया.
गुस्साए अस्पताल कर्मचारियों ने काम बंद कर विरोध जताया और आईएमए के प्रतिनिधियों ने महानगरपालिका आयुक्त अभिनव गोयल से मुलाकात की. आईएमए ने चेतावनी दी कि अगर एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो बुधवार को इलाके के सभी निजी क्लीनिक और अस्पताल बंद कर दिए जाएंगे.
इसके बाद नगरसेवक, उसके चार साथियों और एक महिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं में मामला दर्ज हुआ. सहायक पुलिस आयुक्त सुहास नेमाडे ने बताया कि जांच जारी है और अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है. डॉक्टरों के राष्ट्रीय संगठन फेमा ने इस घटना की कड़ी निंदा की और महाराष्ट्र सरकार से 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई की मांग की.