महाराष्ट्र के डोंबिवली स्थित कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के कोपर क्षेत्र के शास्त्रीनगर अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया है. इस घटना के विरोध में मंगलवार को सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों तथा नर्सों ने कामबंद विरोध प्रदर्शन शुरू किया. आंदोलन के चलते अस्पतालों की ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जबकि सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं. इससे इलाज के लिए पहुंचे सैकड़ों मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इस मामले का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. फुटेज में शिंदे शिवसेना के नगरसेवक रमेश म्हात्रे कथित तौर पर डॉक्टरों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं. डॉक्टरों का आरोप है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई. हालांकि अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है.
प्रसव के बाद शुरू हुआ पूरा विवाद
जानकारी के अनुसार, सोमवार को एक गर्भवती महिला को प्रसव के लिए शास्त्रीनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने महिला का सीजेरियन ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद पता चला कि नवजात शिशु की गर्दन में नाल के दो फेरे थे, जिसके कारण उसे विशेष उपचार की जरूरत थी. अस्पताल का नवजात गहन चिकित्सा कक्ष यानी NICU पूरी तरह भरा हुआ था. ऐसे में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात को बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल रेफर करने की सलाह दी.
इसी बात को लेकर मरीज के परिजनों ने स्थानीय नगरसेवक से संपर्क किया. डॉक्टरों का कहना है कि वे उस समय मरीजों के इलाज में व्यस्त थे, इसलिए नगरसेवक का फोन नहीं उठा सके. इसके बाद नगरसेवक अस्पताल पहुंचे और यहीं से विवाद शुरू हुआ. डॉक्टरों का आरोप है कि नगरसेवक ने बिना पूरी जानकारी लिए डॉ. वैभव सालुंखे और डॉ. सृष्टि बाविस्कर के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की. इस दौरान डॉ. वैभव सालुंखे घायल हो गए.
डॉक्टरों को बचाने के लिए आगे आईं नर्स नमिता उबाले और द्रव्या गिरी के साथ भी धक्का-मुक्की किए जाने का आरोप लगाया गया है. पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई. डॉक्टरों का यह भी आरोप है कि अस्पताल से निकलते समय डॉक्टरों और कर्मचारियों को अस्पताल के बाहर निकलो, तुम्हें खत्म कर दूंगा कहकर जान से मारने की धमकी दी गई. इस घटना के बाद अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों, कर्मचारियों, मरीजों और उनके परिजनों में डर का माहौल है.
शिकायत के बाद भी दर्ज नहीं हुई एफआईआर
घटना की जानकारी तुरंत मनपा आयुक्त अभिनव गोयल को दी गई. इसके बाद चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपा शुक्ल, घायल डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों ने विष्णुनगर पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. हालांकि खबर लिखे जाने तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई थी. घटना के विरोध में सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों के डॉक्टरों तथा नर्सों ने कामबंद आंदोलन शुरू कर दिया है. आंदोलन के कारण ओपीडी सेवाएं पूरी तरह बंद हैं. सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी रखी गई हैं ताकि गंभीर मरीजों का इलाज प्रभावित न हो.
डॉक्टरों और नर्सों ने साफ कहा है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया जाता, तब तक वो काम पर वापस नहीं लौटेंगे. आंदोलन के कारण कई मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा, जबकि कई लोगों को दूसरे अस्पतालों का रुख करना पड़ा. इस मामले का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस जांच जारी है. वहीं, फुटेज में कथित तौर पर मारपीट करते दिखाई दे रहे शिंदे शिवसेना के नगरसेवक रमेश म्हात्रे की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.