
भारत की मशहूर और दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का 89 साल की उम्र में निधन हो गया है. उनके निधन की खबर से संगीत से लेकर राजनीतिक जगत तक में मातम पसर गया है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समेत कई दिग्गज नेताओं ने सुमन के निधन पर शोक जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है.
सुमन कल्याणपुर को 'ना ना करते', 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' और 'तुमने पुकारा' जैसे सुपरहिट गानों के लिए जाना जाता था. उन्होंने हिंदी, के साथ-साथ मराठी, असमिया, गुजराती, कन्नड़, मैथिली, भोजपुरी समेत कई भाषाओं में गाने गाए.
सुमन कल्याणपुर के निधन पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गहरा शोक जताया है. उन्होंने कहा कि देश ने एक ऐसी दैवीय आवाज को खो दिया है, जिसने छह दशकों से ज्यादा समय तक भारत की संगीत विरासत को समृद्ध किया.
'सुमन जी की कमी हमेशा खलेगी...'
सीएम फडणवीस ने सुमन कल्याणपुर के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की. इसके साथ उन्होंने लिखा, 'सुमन जी ने शुरुआत में पेंटिंग की ट्रेनिंग ली थी, लेकिन बाद में उन्होंने संगीत को ही अपनी जिंदगी बना लिया. इसके बाद वो देश की सबसे सम्मानित प्लेबैक सिंगर्स में से एक बनीं. उनकी मधुर आवाज और शास्त्रीय संगीत पर उनकी पकड़ ने उनके गानों को बेहद पॉपुलर बनाया, खासकर 1950 और 1960 के दशक में.'
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'भले ही उनके अमर गाने हमेशा हमारे साथ रहेंगे, लेकिन सौम्य और शालीन सुमन जी की कमी हमेशा खलेगी.'
एकनाथ शिंदे ने कहा- मुरझा गया संगीत का 'सुमन'
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सुमन कल्याणपुर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अपनी सदाबहार और मधुर धुनों से भारतीय संगीत पर राज करने वाली अनुभवी गायिका के जाने से संगीत का 'सुमन' (फूल) मुरझा गया है.
शिंदे ने कहा, 'सुमन जी सिर्फ एक गायिका नहीं थीं, बल्कि वो भारतीय सुगम शास्त्रीय और फिल्मी संगीत के एक सुनहरे युग का प्रतिनिधित्व करती थीं. उन्होंने अपनी गहरी अभिव्यंजक और मधुर आवाज से मराठी, हिंदी और दूसरी भाषाओं में हजारों गानों को अमर बना दिया. उनकी आवाज की पवित्रता और भावना सीधे सुनने वालों के दिल को छूती थी.'

भारतीय संगीत के एक सुनहरे अध्याय का अंत- शरद पवार
एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने भी सुमन कल्याणपुर के निधन पर गहरा दुखा जताया. उन्होंने सुमन को एक ऐसी कलाकार बताया जिन्होंने अपनी सुरीली, रूहानी और भावुक आवाज से भारतीय संगीत को समृद्ध किया. शरद पवार ने कहा, 'सुमन कल्याणपुर का निधन भारतीय शास्त्रीय और सुगम संगीत के एक सुनहरे अध्याय का अंत है.'
उन्होंने आगे कहा कि हिंदी, मराठी और कई अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में गाए गए उनके अमर गीतों ने पीढ़ियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया है. भारतीय संगीत परिदृश्य पर उनका प्रभाव हमेशा बना रहेगा और देश भर के म्यूजिक लवर्स उनके गानों को सालों तक याद रखेंगे.
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अंतिम समय में अपने ही गाने सुन रही थीं सुमन कल्याणपुर
सुमन कल्याणपुर पर 'सुमन सुगंध' नाम की प्रसिद्ध मराठी जीवनी लिखने वालीं मंगला खाडिलकर ने PTI को बताया कि सुमन अंतिम समय में अपने ही गाने सुन रही थीं. उन्होंने कहा, 'सुमन जी का निधन रात करीब 8 बजे लोखंडवाला स्थित उनके आवास पर बुढ़ापे के कारण हुआ. उन्होंने बहुत शांति से अंतिम सांस ली. पिछले कुछ दिनों से वो अपने ही गाने सुन रही थीं.'