भारत की मशहूर और दिग्गज गायिका सुमन कल्याणपुर का रविवार शाम को निधन हो गया. उन्होंने 89 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. उनके निधन की खबर से पूरे देश और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है. बॉलीवुड से लेकर राजनीति जगत तक के दिग्गज उनके निधन पर शोक जता रहे हैं.
सुमन कल्याणपुर ने 'ना ना करते', 'आजकल तेरे मेरे प्यार के चर्चे' और 'तुमने पुकारा' जैसे कई सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दी थी. उनकी एक करीबी दोस्त ने बताया कि बढ़ती उम्र से जुड़ी दिक्कतों के कारण रविवार शाम को उनके घर पर उनका निधन हो गया.
सुमन कल्याणपुरी का जन्म 28 जनवरी 1937 को अविभाजित भारत (अब बांग्लादेश) के भवानीपुर में हुआ था. अपने करियर में उन्होंने सुमन कल्याणपुर ने अपने करियर में 800 से ज्यादा फिल्मी गाने गाए.
कई भाषाओं में गाए गाने, 'पद्म भूषण' सम्मान से नवाजी गईं
सुमन ने हिंदी, मराठी, असमिया, गुजराती, कन्नड़, मैथिली, भोजपुरी, राजस्थानी, बंगाली, ओडिया और पंजाबी के अलावा कई भाषाओं में भी फिल्मों के लिए गाने रिकॉर्ड किए. संगीत की दुनिया में उनका ये योगदान देश के सर्वोच्च सम्मानों का हकदार है. उन्हें 'पद्म भूषण' सम्मान से भी नवाजा गया.
सुमन कल्याणपुर के कुछ सबसे यादगार गानों में 'बुझा दिए हैं खुद अपने हाथों' (फिल्म- शगुन), 'जो हम पे गुजरती है’ (फिल्म- मोहब्बत इसको कहते हैं), और फिल्म 'दिल एक मंदिर है' (1963) का टाइटल सॉन्ग शामिल है. इसके अलावा उन्होंने 'ना ना करते प्यार तुम्हीं से' (फिल्म- जब जब फूल खिले, 1965) और 'मेरे महबूब ना जा' (फिल्म- नूर महल, 1965) जैसे कई सुपरहिट गाने गाए.
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साल 1974 में फिल्म 'रेशम की डोरी' के लिए गाया उनका गाना 'बहना ने भाई की कलाई' बेहद पॉपुलर हुआ, जिसके लिए उन्हें 1975 में 'फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर' के अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट भी किया गया था.