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आखिरी वीडियो में बोला- 'समू, मैं आत्महत्या कर रहा हूं...' फिर सामने आया प्रेम प्रसंग और धर्म परिवर्तन का दबाव

महाराष्ट्र के सांगली में 19 वर्षीय युवक दुर्वांक शेवाले ने फांसी लगाकर जान दे दी. परिवार का आरोप है कि एक युवती उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बना रही थी. परिवार ने चैट और वीडियो पुलिस को सौंपे, लेकिन जांच में देरी का आरोप लगाया. पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि परिवार न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या की चेतावनी दे रहा है.

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19 साल के लड़के ने घर में की खुदकुशी. (File Photo: ITG)
19 साल के लड़के ने घर में की खुदकुशी. (File Photo: ITG)

महाराष्ट्र के सांगली जिले में 19 साल के लड़के की खुदकुशी चर्चा का विषय बनी हुई है. खनभाग इलाके के रहने वाले दुर्वांक शेवाले ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी. युवक पुणे की एक कंपनी में काम करता था. आत्महत्या के बाद परिवार ने आरोप लगाया कि वह एक मुस्लिम लड़की के साथ रिश्ते में था और लड़की ने उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव बना रही थी. परिवार का यह भी आरोप है कि सभी सबूत देने के बावजूद पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की. अब परिवार ने न्याय नहीं मिलने पर पुलिस स्टेशन या जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्महत्या करने की चेतावनी दी है.

दुर्वांक की मौत के बाद शहर पुलिस ने आवश्यक जांच और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया. जांच के लिए पुलिस ने युवक का मोबाइल फोन भी जब्त किया. परिवार का आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने उन्हें बताया कि मोबाइल में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली. परिवार के अनुसार उन्हें पुलिस की बात पर शक हुआ. इसके बाद उन्होंने दुर्वांक की मां का मोबाइल फोन देखा, जिसे दुर्वांक सांगली आने पर कभी-कभी इस्तेमाल करता था. परिवार का दावा है कि उसमें मौजूद चैट से पता चला कि दुर्वांक एक मुस्लिम युवती के साथ रिलेशनशिप में था. परिवार का आरोप है कि चैट में युवती द्वारा उस पर इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाने की बातें सामने आईं.

परिवार का कहना है कि युवती मूल रूप से कोल्हापुर की रहने वाली है और कभी-कभी सांगली में अपने रिश्तेदारों से मिलने आती थी. परिवार का आरोप है कि बाद में जब पुलिस ने चार्जिंग के लिए मोबाइल वापस दिया तो उसमें आत्महत्या से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया एक वीडियो मिला. परिवार के अनुसार वीडियो में दुर्वांक कहते हुए सुनाई देता है, समू, मैं आत्महत्या कर रहा हूं. इसी के बाद परिवार ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए. उनका कहना है कि जब मोबाइल में वीडियो मौजूद था तो पुलिस ने पहले यह कैसे कह दिया कि उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला.

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19 साल के लड़के ने की खुदकुशी

इसके अलावा परिवार का कहना है कि उन्होंने मां के मोबाइल से मिली चैट के प्रिंटआउट और युवक के अंतिम वीडियो सहित सभी सबूत पुलिस को सौंप दिए थे. इसके बावजूद जांच में देरी हुई. परिवार का आरोप है कि उन्हें बताया गया कि मामला एक महिला अधिकारी को सौंपा गया है, जो उस समय छुट्टी पर थीं. इसे लेकर परिवार ने सवाल उठाया कि इतने संवेदनशील मामले की जांच ऐसे अधिकारी को कैसे सौंपी गई जो ड्यूटी पर ही मौजूद नहीं थीं.

परिवार का आरोप है कि सभी सबूत देने के बाद भी शुरू में संदिग्ध साहिल बागवान और युवती को हिरासत में नहीं लिया गया. उनका कहना है कि हिंदुत्व संगठनों के हस्तक्षेप और पुलिस से सवाल-जवाब के बाद मामला दर्ज हुआ और साहिल बागवान को गिरफ्तार किया गया. हालांकि परिवार का आरोप है कि युवती को अब तक न तो हिरासत में लिया गया है और न ही पूछताछ के लिए बुलाया गया है. परिवार का कहना है कि युवती का मोबाइल भी अभी तक जब्त नहीं किया गया.

दुर्वांक की मां ने कहा कि उनका बेटा उनका इकलौता बेटा था और केवल 19 साल की उम्र में उन्हें छोड़कर चला गया. उन्होंने कहा कि उन्हें धर्म की बहस में नहीं पड़ना है, लेकिन पुलिस उनकी शिकायत तक दर्ज नहीं कर रही थी और उल्टा उन्हें ही धमका रही थी. उन्होंने कहा कि उनके बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली युवती को सजा मिलनी चाहिए. उनका कहना है कि अगर युवती नाबालिग है तो यह भी जांच होनी चाहिए कि उसे ऐसी बातें कौन सिखा रहा था. उन्होंने कहा कि वह अपना बेटा खो चुकी हैं, लेकिन नहीं चाहतीं कि किसी दूसरी मां के साथ ऐसा हो.

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दुर्वांक के पिता ने आरोप लगाया कि बेटे के अंतिम संस्कार के दौरान ही पुलिस उन्हें पूछताछ के लिए वहां से ले गई. उन्होंने कहा कि बेटे के मोबाइल में चैट और वीडियो मौजूद थे, फिर भी पुलिस ने बिना पूरी जांच किए मोबाइल वापस कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर इस मामले में लापरवाही कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनके बेटे को न्याय नहीं मिला तो वह और उनकी पत्नी पुलिस स्टेशन या कलेक्टर कार्यालय के सामने आत्महत्या कर लेंगे.

हिंदू एकता आंदोलन ने की सख्त कार्रवाई की मांग

हिंदू एकता आंदोलन के पूर्व विधायक और प्रदेश अध्यक्ष नितिन राजे शिंदे ने मांग की कि यदि युवती नाबालिग है तो उसे किशोर सुधार गृह भेजा जाए. उन्होंने कहा कि एक परिवार का इकलौता बेटा चला गया, लेकिन पुलिस न तो गंभीर जांच कर रही है और न ही पर्याप्त कार्रवाई करती दिखाई दे रही है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होनी चाहिए. वहीं इस मामले पर इंस्पेक्टर अरुण सुगावकर ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है. साथ ही उन्होंने कहा कि साहिल बागवान नाम के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है.

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नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)

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