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12 मिनट में 15 एक्सिडेंट! मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर जानलेवा गड्ढा, धड़ाधड़ फटे टायर

मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर महालक्ष्मी के पास सड़क में बने गहरे गड्ढे और बाहर निकली लोहे की सरियों ने कुछ ही मिनटों में 15 से ज्यादा वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया. करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त होने पर निर्माण गुणवत्ता और जिम्मेदार एजेंसियों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.

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12 मिनट में 15 एक्सिडेंट, मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर जानलेवा गड्ढा (Photo: itg)
12 मिनट में 15 एक्सिडेंट, मुंबई-अहमदाबाद हाइवे पर जानलेवा गड्ढा (Photo: itg)

महाराष्ट्र में मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार को कई बड़े हादसा होते-होते टल गए. महालक्ष्मी के पास हाईवे के बीचों-बीच बनी सड़क का कंक्रीट उखड़ने से उसमें लगे लोहे के सरिए बाहर निकल आए. यही गड्ढा कुछ ही मिनटों में 15 से अधिक वाहनों के लिए मुसीबत बन गया. तेज रफ्तार से गुजर रहे वाहन अचानक गड्ढे से टकराते गए, जिससे कई गाड़ियों के टायर फट गए, जबकि कई वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा. राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है.

सड़क पर गहरा गड्ढा और बाहर निकले सरिए

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा गुजरात से मुंबई की ओर जाने वाली लेन पर हुआ. सड़क पर बने गहरे गड्ढे और बाहर निकली लोहे की सरियों का अंदाजा वाहन चालकों को समय रहते नहीं लग सका. देखते ही देखते एक के बाद एक कई वाहन वहां फंसते चले गए. कुछ गाड़ियां अचानक रुक गईं, जिससे पीछे आ रहे वाहनों को भी ब्रेक लगाने पड़े और कुछ वाहन आपस में भी टकरा गए. घटना के चलते कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा.

रोड की व्हाइट टॉपिंग में खर्च हुए 620 करोड़ 

सबसे बड़ा सवाल इस बात को लेकर उठ रहा है कि जिस सड़क पर पिछले वर्ष व्हाइट टॉपिंग का काम कराया गया था, वह पहली ही बारिश में जवाब कैसे दे गई. जानकारी के अनुसार इस परियोजना पर करीब 620 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे. इसके बावजूद कंक्रीट उखड़ने और लोहे की सरियों के बाहर आने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

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एक- एक कर 15 हादसे, भड़के लोग

घटना के बाद वाहन चालकों और यात्रियों में भारी नाराजगी देखने को मिली. लोगों ने सड़क निर्माण से जुड़ी एजेंसी, ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद यदि राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत ऐसी है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए और सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए.

हादसे का शिकार हुए एक कार चालक ने बताया कि उनकी कार लगभग 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी. अचानक वाहन गड्ढे में चला गया और सामने पहले से खड़ी गाड़ियों से टकरा गया. उन्होंने कहा कि उनकी कार केवल दो महीने पहले ही शोरूम से खरीदी गई थी और इस हादसे में दोनों टायर फट गए. उन्होंने प्रशासन से अपने नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है. घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं की गई तो भविष्य में इससे और भी बड़े हादसे हो सकते हैं.

Input: मोहम्मद हुसैन खान
 


 

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