महाराष्ट्र के नवी मुंबई महानगरपालिका के एक अस्पताल में कथित मेडिकल लापरवाही का मामला सामने आया है और यह राजनीतिक विवाद बन गया है. आरोप है कि गलत इंजेक्शन दिए जाने से दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला की हालत गंभीर है.
अस्पताल में कथित मेडिकल लापरवाही को लेकर सियासत गरमा गई है. आरोप है कि पिछले तीन महीनों में गलत इंजेक्शन दिए जाने से दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला अब भी जिंदगी और मौत से जूझ रही है.
इस मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने नवी मुंबई महानगरपालिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.
क्या है पूरा मामला?
नवी मुंबई महानगरपालिका के अस्पताल में कथित मेडिकल लापरवाही का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. आरोप है कि पिछले तीन महीनों के दौरान गलत इंजेक्शन दिए जाने की वजह से दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गर्भवती महिला की हालत गंभीर बनी हुई है. इसी मामले को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के शहर अध्यक्ष गजानन काले अपने कार्यकर्ताओं के साथ नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त कैलाश शिंदे से मिलने पहुंचे. मनसे ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
प्रोटेस्ट के वक्त मनसे कार्यकर्ताओं ने आयुक्त के केबिन में अपनी कमीज उतारकर अनोखे अंदाज में विरोध जताया. इस प्रदर्शन को उन्होंने 'कपड़े उतारो आंदोलन' नाम दिया. विरोध जताने के बाद महानगरपालिका प्रशासन ने एक महिला हेल्थ ऑफिसर को निलंबित कर दिया.
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हालांकि, मनसे नेताओं का कहना है कि सिर्फ एक अधिकारी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है. उनका आरोप है कि इस मामले में जो भी अधिकारी और कर्मचारी जिम्मेदार हैं, उन सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. मनसे ने चेतावनी दी है कि अगर सभी दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
फिलहाल, एक अधिकारी के निलंबन के बाद प्रदर्शन खत्म हो गया है, लेकिन मनसे अब भी पूरे मामले में सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ी हुई है. अब देखना होगा कि महानगरपालिका प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है.