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ठाणे: मायके से नहीं लौटी पत्नी तो कर दिया हमला, अब पति को हुई जेल

ठाणे की अदालत ने अलग रह रही पत्नी पर चाकू से जानलेवा हमला करने और बचाव में आए कर्मचारी को घायल करने वाले ऑटो चालक को 10 साल के कारावास की कठोर सजा सुनाई. हमले से पीड़िता के दोनों हाथों में स्थायी दिव्यांगता के बाद अदालत ने मुआवजे का आदेश भी दिया.

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ठाणे में अदालत ने शख्स को 10 के कारावास की सजा सुनाई है (Representational)
ठाणे में अदालत ने शख्स को 10 के कारावास की सजा सुनाई है (Representational)

महाराष्ट्र में पत्नी की हत्या की कोशिश और उसे बचाने आए व्यक्ति पर हमला करने के मामले में एक शख्स को 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है. जानकारी के मुताबिक, 32 साल के नाजिम दाऊद खान ने अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला किया था. हमले में उसकी पत्नी के हाथों में 40 प्रतिशत तक स्थायी दिव्यांगता हो गई. 

पेशे से ऑटोचालक नाजिम को ऐडिशनल सेशन के जज वी एल भोसले ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 324 के तहत दोषी ठहराया. धारा 307 के तहत हत्या की कोशिश और धारा 324 के तहत खतरनाक हथियार से जानबूझकर चोट पहुंचाने का आरोप था.

अभियोजन के मुताबिक, नाजिम ने पीड़िता रुबीना से 2016 में शादी की थी और उनके दो बेटे हैं. खान को गांजे की लत थी और वह पत्नी के साथ मारपीट करता था. इस कारण हमले से आठ महीने पहले रुबीना अपने माता-पिता के घर रहने चली गई थी.

वापसी पर पत्नी ने किया इंकार, तो किया हमला 

29 नवंबर, 2021 को आरोपी अपने ससुराल वालों की गद्दे बनाने की कार्यशाला में पहुंचा और पत्नी से घर लौटने को कहा. रुबीना के इनकार करने पर वह वहां से चला गया, लेकिन आधे घंटे बाद वह चाकू लेकर वापस आया और उस पर हमला कर दिया.

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अभियोजन ने बताया कि आरोपी ने रुबीना का पीछा किया और उस पर बार-बार चाकू से वार किया. पास मौजूद कर्मचारी मोहम्मद इसाक ने उसे बचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उसे भी चाकू मार दिया. बाद में राहगीरों ने हमलावर को काबू किया और पीड़िता को अस्पताल पहुंचाया. कई जख्मों के कारण उसके दोनों हाथों में 40 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हो गई.

अदालत ने कहा कि हथियार की प्रकृति, निशाना बनाए गए शरीर के हिस्से, वार की संख्या और ताकत, हमले के तरीके और आसपास के हालात से वार की मंशा का पता चलता है. अदालत ने धारा 307 के तहत खान को 10 साल के कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. धारा 324 के तहत उसे 2 साल के कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा मिली. ये दोनों सजाएं साथ चलेंगी.

अदालत ने वसूले गए जुर्माने में से पीड़िता को 20,000 रुपये और चश्मदीद को 5,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया. अतिरिक्त मुआवजे के लिए मामला महाराष्ट्र पीड़ित मुआवजा योजना के तहत जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, ठाणे को भेजने की सिफारिश भी की गई.

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