एक्सपायरी और खराब हो चुके खाने की चीजों को नष्ट करने के बजाय दोबारा बाजार में बेचने के मामले सामने आने के बाद महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने सख्त कदम उठाए हैं. FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने नया आदेश जारी करते हुए कहा है कि कंपनियों को अब यह ठोस सबूत देना होगा कि एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थों को वास्तव में पूरी तरह नष्ट किया गया है. सिर्फ कागजों पर माल नष्ट करने का प्रमाणपत्र दिखाना अब पर्याप्त नहीं होगा.
FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नियमों का सही तरीके से पालन करवाना है. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए FDA ने अब तक 22 नियमावली लागू की हैं. इनमें होटल, दूध और दूध से बने उत्पाद, खाद्य तेल, स्कूलों में मिलने वाले खाद्य पदार्थ और अन्य खाद्य व्यवसाय शामिल हैं. इन नियमों के जरिए खाद्य कारोबारियों, कंपनियों, लाइसेंस धारकों, वितरकों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है.
FDA के सामने ऐसे मामले आए हैं, जिनमें एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थों को नष्ट करने का प्रमाणपत्र तो लिया जाता है, लेकिन असल में उन खाद्य पदार्थों को पूरी तरह नष्ट नहीं किया जाता. कुछ मामलों में एजेंटों के जरिए यही माल दोबारा बाजार में पहुंचाया जाता है. कुछ जगहों पर खाद्य पदार्थों की एक्सपायरी डेट में बदलाव किए जाने की जानकारी भी सामने आई है.
इसी तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए FDA ने नया आदेश जारी किया है. अब कंपनियों को यह साबित करना होगा कि एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थों को वास्तव में नष्ट किया गया है और वे दोबारा बिक्री के लिए बाजार में नहीं पहुंचे हैं.
भिवंडी-वडपे में करीब 5 करोड़ का माल जब्त
एक्सपायरी खाद्य पदार्थों की दोबारा बिक्री के खिलाफ FDA ने पिछले 15 दिनों में भिवंडी और वडपे इलाके में बड़े स्तर पर कार्रवाई की है. इस दौरान अलग-अलग जगहों से खाद्य पदार्थों का स्टॉक जब्त किया गया. भिवंडी में पहले करीब 80 हजार रुपये का माल जब्त किया गया. इसके बाद करीब 26 लाख रुपये का स्टॉक भी पकड़ा गया.
वडपे इलाके में दो जगहों पर कार्रवाई करते हुए खाद्य कारोबार से जुड़े लाइसेंस निलंबित किए गए. FDA आयुक्त के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई में करीब 5 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया है. इसके अलावा 10 कार्रवाई के बाद दो मामले दर्ज किए गए हैं. इन मामलों में मालिकों के नाम भी आरोपी के तौर पर शामिल किए गए हैं. कुल 32 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.
नियमों के मुताबिक, एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थों को बिक्री के योग्य खाद्य पदार्थों से अलग रखना जरूरी है. लेकिन जांच के दौरान कुछ जगहों पर इसके लिए अलग व्यवस्था नहीं होने की बात सामने आई है. खाद्य पदार्थों को नष्ट करने वाली कंपनियों से प्रमाणपत्र लिए जाते हैं, लेकिन सिर्फ प्रमाणपत्र मिलने से यह साबित नहीं होता कि खाद्य पदार्थ वास्तव में नष्ट कर दिए गए हैं. FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे ने बताया कि इस कार्रवाई की तैयारी पिछले दो महीनों से चल रही थी. इस दौरान खाद्य पदार्थों के भंडारण, एक्सपायरी माल, वापस लौटाए गए उत्पादों और उन्हें दोबारा बाजार में पहुंचाने के तरीकों की जांच की गई. इसके बाद नए आदेश तैयार किए गए हैं, ताकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके.
उत्पादक से लेकर सप्लाई चेन तक सभी की जिम्मेदारी
FDA आयुक्त ने साफ कहा कि अगर एक्सपायरी खाद्य पदार्थ बाजार में पहुंचते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी सिर्फ दुकानदार की नहीं होगी. उत्पादक कंपनी, वितरक, थोक विक्रेता, लाइसेंस धारक और खाद्य सप्लाई चेन से जुड़े सभी लोगों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. तुकाराम मुंढे ने कहा कि छोटी हो या बड़ी, हर कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थ दोबारा बिक्री के लिए बाजार में न पहुंचें. उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का एक भी पैकेट दोबारा बाजार में नहीं जाना चाहिए.
FDA का कहना है कि नए आदेश का मुख्य उद्देश्य लोगों तक सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाला खाना पहुंचाना है. नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. अब एक्सपायरी और खराब खाद्य पदार्थों को नष्ट करने की प्रक्रिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और कंपनियों को सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं, बल्कि माल नष्ट करने का पुख्ता सबूत भी देना होगा.
मिलावटी खाने के तेल के खिलाफ भी कार्रवाई
तुकाराम मुंढे ने कहा कि मिलावटी खाने के तेल के खिलाफ खाद्य विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है और आगे भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि दिवाली का त्योहार है और यहां खाने-पीने की खास परंपरा है. ऐसे में खाना बनाते समय सही और शुद्ध तेल का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए मिलावटी तेल के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. मुंढे ने बताया कि अब तक खाने के तेल को लेकर कुल 1,089 निरीक्षण किए गए हैं. इस कार्रवाई में 80 लाइसेंस रद्द किए गए हैं, जबकि 28,753 क्विंटल माल जब्त किया गया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटी तेल के खिलाफ विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा.