महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने 40 दिन बाद अपने घर लौटने पर मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला. दिपके ने कहा कि लंबे आंदोलन के बाद वह घर लौटे हैं और अब सबसे पहले सुकून की नींद सोएंगे और अपनी मां के हाथ का बना खाना खाएंगे.
मीडिया से बातचीत में अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार चाहे कितने भी नए कानून बना ले, लेकिन जब तक उन्हें लागू करने वाले अधिकारी ईमानदारी से काम नहीं करेंगे, तब तक उन कानूनों का कोई प्रभाव नहीं होगा. उन्होंने कहा कि केवल कानून बना देना ही समाधान नहीं है, बल्कि उसका सही तरीके से पालन कराना भी उतना ही जरूरी है.
उन्होंने पेपर लीक के मामलों की सुनवाई के लिए बनाए गए फास्ट ट्रैक कोर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहली ही सुनवाई स्थगित हो गई क्योंकि केंद्रीय जांच ब्यूरो के अधिकारी अदालत में मौजूद नहीं थे. उनके मुताबिक यह दिखाता है कि सिर्फ कानून बनाने से व्यवस्था नहीं बदलती, बल्कि उसे लागू करने की इच्छाशक्ति भी होनी चाहिए.
कानून नहीं, ईमानदार अमल जरूरी, सरकार पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पद छोड़कर एक अच्छे इन्फ्लुएंसर की भूमिका निभानी चाहिए और किसी दूसरे शख्स को प्रधानमंत्री बनने का अवसर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश को ऐसी व्यवस्था की जरूरत है जिसमें फैसलों का असर जमीन पर दिखाई दे.
दिपके ने आंदोलन में शामिल युवाओं को लेकर भी सरकार को चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि यदि आंदोलन में भाग लेने वाले छात्रों और युवाओं को पुलिस की तरफ से परेशान किया गया तो वह फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे. उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की गई तो इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से दिया जाएगा.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी युवाओं का सरकार के प्रति गुस्सा कम नहीं हुआ है. उनके अनुसार आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है क्योंकि छात्र और युवा अपने मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं.
अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत को लेकर पूछे गए सवाल पर अभिजीत दिपके ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि वह केवल गंभीर राजनीतिक नेताओं पर ही टिप्पणी करते हैं और पार्ट टाइम राजनेताओं पर कुछ नहीं कहना चाहते.
सोशल मीडिया पर वायरल हथियारों से जुड़े वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए दिपके ने सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि जिन हथियारों का इस्तेमाल आतंकवादियों के खिलाफ किया जाता था, उसी तरह की ताकत अब विद्यार्थियों के खिलाफ दिखाई जा रही है. उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक बताया और कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
युवाओं को परेशान किया तो होगा बड़ा आंदोलन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी युवा पर लाठी या गोली चलाई जाती है तो उसका असर केवल उस शख्स तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार के मतदान के फैसले पर भी पड़ता है. उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों का राजनीतिक नुकसान सरकार को भविष्य के चुनावों में उठाना पड़ सकता है. अभिजीत दिपके ने कहा कि छात्र और युवा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते रहेंगे. उन्होंने दोहराया कि यदि आंदोलन में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो पहले से भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.