झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार के बाद सत्तारूढ़ INDIA ब्लॉक के भीतर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने खुले तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और वाम दलों पर कांग्रेस प्रत्याशी का साथ नहीं देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम ने साबित कर दिया है कि राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन पूरी तरह एकजुट नहीं है. राज्य की दो सीटों पर चुनाव हुआ.
के. राजू ने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार को सहयोगी दलों राजद और वामपंथी दलों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला. उन्होंने दावा किया कि जेएमएम की ओर से चार अतिरिक्त वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिले, लेकिन इसके बावजूद सहयोगी दलों के समर्थन की कमी के कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे गठबंधन की एकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं.
उन्होंने कहा, 'यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तारूढ़ गठबंधन एकजुट नहीं दिखा. मैं इस पूरे घटनाक्रम से बेहद निराश और असंतुष्ट हूं.'
दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को INDIA गठबंधन की अंदरूनी कलह का प्रमाण बताया. भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि चुनाव परिणाम यह दिखाता है कि कई विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर मतदान किया. प्रदीप प्रसाद ने कहा, 'एनडीए के पास 24 विधायक थे, लेकिन हमारे समर्थित उम्मीदवार परिमल नथवानी को 28 वोट मिले. जेएमएम को 30 और कांग्रेस को 20 वोट मिले. तीन वोट अमान्य हो गए. विधायकों ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और यही होना तय था.'
भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस की हार का कारण विपक्षी गठबंधन के भीतर विश्वास की कमी है और अब कांग्रेस अपने सहयोगियों पर आरोप लगाकर राजनीतिक नुकसान की भरपाई करने की कोशिश कर रही है.
बता दें कि राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने 28 वोट हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को 20 वोट मिले. मुकाबला एनडीए और कांग्रेस के बीच ही था. वहीं जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम भी 30 वोट पाकर निर्वाचित हुए. उनकी जीत पहले से ही तय मानी जा रही थी. मतदान के दौरान तीन वोट अमान्य घोषित किए गए, जिनमें भाजपा के दो और कांग्रेस का एक वोट शामिल था.