
झारखंड की गोड्डा लोकसभा सीट से सांसद निशिकांत दुबे झारखंड की सरकार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल घटक दलों के खिलाफ हमलावर रहे हैं. निशिकांत दुबे ने मंगलवार को दो ट्वीट किए जिससे झारखंड में सियासी हलचल बढ़ गई. कयासबाजियों का दौर शुरू हो गया है.
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने ट्वीट कर कहा है कि अब तेरा क्या होगा? उन्होंने अपने इसी ट्वीट में आगे लिखा है कि कल झारखंड में नया सवेरा होगा. निशिकांत दुबे इतने पर ही नहीं रुके. उन्होंने अपने ट्वीट में अगस्त क्रांति का भी जिक्र किया है. बीजेपी सांसद ने कहा है कि आखिर अगस्त क्रांति की शुरुआत होगी.
उन्होंने अंत में ये भी लिखा है कि जिन्होंने मेरी बातों को मजाक में उड़ाया, उनको धन्यवाद. निशिकांत दुबे ने कहा है कि आपके कारण अपनी फिक्र और गम को धुएं में उड़ाता चला गया. झारखंड की अस्मिता बचाने के लिए मेरे ऊपर कोई भी उपहास छोटा लगता है. बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने इससे पहले भी एक ट्वीट किया था.

निशिकांत दुबे ने इससे पहले शनिवार (21 अगस्त) को ट्वीट कर कहा था, "जोहार, जय श्रीराम आखिर झारखंड में हो गया काम?" निशिकांत दुबे के इस ट्वीट के बाद झारखंड के सियासी गलियारों में हलचल मच गई थी. हर कोई निशिकांत दुबे के इस ट्वीट का अपने हिसाब से मतलब निकालने में जुटा था कि इस दूसरे ट्वीट ने कयासबाजियों को और हवा दे दी.
क्या ऑपरेशन लोटस के संकेत हैं ये ट्वीट?
निशिकांत दुबे की ओर से किए गए इन दो ट्वीट को लेकर कोई ऑपरेशन लोटस के सफल होने की बात कह रहा है तो कोई इसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ ऑफिस ऑफ प्रॉफिट केस से जोड़ रहा है. हेमंत सोरेन के खिलाफ बीजेपी की ओर से की गई शिकायत पर चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी हो चुकी है. निशिकांत दुबे ने चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी होने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं से दुमका और बरहेट में उपचुनाव के लिए तैयार रहने का भी आह्वान किया था.
बंगाल में पकड़े गए विधायकों की रिहाई के बाद आए ट्वीट
निशिकांत दुबे के ये ट्वीट ऐसे समय आया है, जब 50 लाख नकदी के साथ पश्चिम बंगाल में पकड़े गए झारखंड के तीनों कांग्रेस विधायक रिहा हो गए हैं. कांग्रेस के विधायक इरफान अंसारी 21 अगस्त को ही जेल से बाहर आ गए थे जबकि दो अन्य विधायक 22 अगस्त को ही रिहा हुए. बता दें कि झारखंड कांग्रेस के इन विधायकों को नकदी के साथ पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया था.
इन विधायकों की गिरफ्तारी के बाद ये कहा गया था कि ये सभी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा से मिलने गुवाहाटी जा रहे थे और इनकी योजना हेमंत सोरेन की सरकार गिराने की थी. आज झारखंड में क्या होगा, झारखंड की सियासत में बुधवार का दिन कौन सी खबर लेकर आने वाला है, इसे लेकर कयासों का दौर तेज हो गया है.