जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के ऊपरी और दूरदराज के चरागाहों में पशुओं की लूट का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए 193 भेड़-बकरियों को जबरन हांक लिया था, जिनकी कुल कीमत लगभग 25 लाख रुपये आंकी गई है. हालांकि, स्थानीय पुलिस ने त्वरित और साहसिक कार्रवाई करते हुए न केवल तीनों मुख्य संदिग्धों को दबोच लिया है, बल्कि सभी 181 भेड़ों और 12 बकरियों को सुरक्षित बरामद भी कर लिया है.
घटना इसी महीने की शुरुआत में (8 अक्टूबर को) दक्षिण कश्मीर के डी के मार्ग इलाके में स्थित हुमपथरी चरागाहों में घटी. उस वक्त वहां चरवाहे और महिलाएं अपने मवेशियों की रखवाली कर रही थीं.
अचानक कुछ बदमाश वहां आ धमके और उन्होंने रखवाली कर रही महिलाओं के साथ मारपीट की. इसके बाद वे इन गरीब परिवारों के आजीविका के एकमात्र साधन यानी कुल 181 भेड़ें और 12 बकरियां को जबरन अपने साथ हांककर ले गए. अचानक हुए इस हमले से पूरा इलाका सकते में आ गया.
पुलिस का सघन तलाशी अभियान
घटना की तुरंत सूचना डी के मार्ग पुलिस चौकी में दी गई, जिसके आधार पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी. चोरों ने शायद यह सोच रखा था कि वे ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और जंगलों की आड़ में चुपचाप निकल जाएंगे और इन मवेशियों को अलग-अलग जगहों पर बेचकर उनका मांस निकाल लेंगे.
लेकिन पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए पहाड़ी रास्तों की छानबीन की और स्थानीय पशु व्यापार के रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी. कई दिनों की कड़ी मशक्कत और सघन खोजबीन के बाद पुलिस ने तीन मुख्य संदिग्धों को धर दबोचा. पुलिस की इस टीम ने मांस बाजारों में इन मवेशियों को बेचे जाने से पहले ही पूरे झुंड को सकुशल बरामद कर लिया.
आरोपी जेल भेजे गए, मवेशी लौटेंगे अपने ठिकाने
पकड़े गए तीनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है, और पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस पूरी लूट के पीछे और कौन-कौन लोग शामिल थे.
बहरहाल, मवेशियों के पूरे झुंड को सुरक्षित बचा लिए जाने से पीड़ित परिवारों ने राहत की सांस ली है और अब इन जानवरों को वापस उनके हरे-भरे चरागाहों और उनके मालिकों के पास भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.