जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में हुए आत्मघाती आतंकी हमले से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है. बताया जा रहा है कि श्रीनगर हाइवे पर सुरक्षाबलों के इस काफिले में करीब 50 गाड़ियां शामिल थी. इनमें 20 से अधिक बस, ट्रक और एसयूवी गाड़ियां थी. हर बस और ट्रक में करीब 35 से 40 कॉन्स्टेबल सवार थे. काफिला जब हाइवे से गुजर रहा था, तब काफी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए थे. बावजूद इसके इस बड़े आत्मघाती हमले को अंजाम दिया गया.
इस आत्मघाती हमले का शिकार 76Bn CRPF की बस हुई थी. यात्रियों की सूची के अनुसार बस में करीब 39 जवान थे. आत्मघाती हमले को अंजाम देने वाला है आदिल अहमद डार, पुलवामा के काकपोरा का ही रहने वाला है. वह पिछले साल फरवरी में जाकिर मुसा के गज़वत उल हिंद में शामिल होने के बाद आतंकी बना था. कुछ महीने पहले ही उसने जैश ज्वॉइन किया था.
सुरक्षाबलों के सूत्रों के मुताबिक, हाई अलर्ट के साथ काफिला श्रीनगर की तरफ आ रहा था. काफिला गुंडीपोरा के पास पहुंचा था, तभी आईईडी से भरी एक कार ने सुरक्षाबलों के एक बस को टक्कर मार दी. इस टक्कर के बाद ही धमाका हुआ. धमाके में अभी 44 जवान शहीद हो गए हैं. करीब 45 जवान घायल बताए जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि यह कश्मीर के इतिहास का दूसरा बड़ा हमला है. करीब एक हफ्ते पहले से ही ऐसे किसी आतंकी हमले को लेकर अलर्ट जताया गया था. इसके बावजूद ऐसा हमला होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चिंता की बात है.
पुलवामा में उरी से बड़ा आतंकी हमला
देखिए के साथ
()
अन्य वीडियो:
— आज तक (@aajtak)
जिस बस को निशाना बनाया है, उसकी क्षमता 32 थी. कार ने पहले बस का पीछा किया और फिर टक्कर मारी. इसके बाद जोरदार ब्लास्ट हुआ. खास बात है कि कश्मीर में यह पहला आत्मघाती हमला है, जिसे कार से अंजाम दिया गया है. अबतक सीरिया और अफगानिस्तान में इस तरह के हमले किए जाते थे. इस हमले के बाद सुरक्षाबल की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इसे एक लोकल आतंकी ने अंजाम दिया. इसका नाम आदिल है. बताया जा रहा है कि पिछले साल में 192 लोकल युवा आतंकी बने.
पुलवामा में आतंकी हमले में 20 जवान शहीद ()
अन्य वीडियो:
— आज तक (@aajtak)
इससे पहले भारतीय खुफिया एजेंसियों ने एक अलर्ट भी जारी किया था. इस अलर्ट में कहा गया था कि आतंकी संसद भवन पर हमले के दोषी अफजल गुरु की बरसी पर बड़ा हमला कर सकते हैं. इस हमले को अंजाम देने के लिए वह आईईडी ब्लास्ट कर सकते हैं. सभी सुरक्षा बल सावधान रहें. इसके साथ ही एरिया को बिना सेंसिटाइज किए उस एरिया में ड्यूटी पर न जाएं.