आसमान में उड़ान भरने वाला एक चार्टर्ड फ्लाइट पायलट धीरे-धीरे नशे के ऐसे कारोबार में उतर गया, जहां से निकलना उसके लिए मुश्किल हो गया. मामला सामने आने के बाद क्राइम ब्रांच भी हैरान है. पुलिस ने 33 वर्षीय एक पायलट को 814 ग्राम MDMA जैसे खतरनाक मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान केरल निवासी अरशद उर्फ अज्जू के तौर पर हुई है.
गुरुग्राम क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी अरशद पेशे से चार्टर्ड फ्लाइट उड़ाता है. पुलिसिया पूछताछ में उसने बताया कि शुरुआत में वह खुद MDMA का सेवन करता था. धीरे-धीरे यह शौक नशे की आदत में बदल गया और इसके बाद वह खुद ही इस मादक पदार्थ की तस्करी करने लगा. पुलिस अब उसके इस खुलासे के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
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आरोपी के कब्जे से बरामद 814 ग्राम MDMA को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है. इस बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में MDMA उसे कहां से मिली और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था.
पहले खुद नशा किया, फिर तस्करी के धंधे में उतरा
पुलिस पूछताछ में अरशद ने अपने अपराध की शुरुआत से जुड़ी कई अहम बातें बताई हैं. आरोपी के मुताबिक, वह पहले खुद MDMA का सेवन करता था. नशे की शुरुआत धीरे-धीरे उसे इस अवैध कारोबार तक ले गई. पहले जहां वह सिर्फ मादक पदार्थ का सेवन करता था, वहीं बाद में उसने MDMA की तस्करी शुरू कर दी.
पुलिस के लिए आरोपी का चार्टर्ड फ्लाइट पायलट होना इस मामले को और गंभीर बना रहा है. जिस शख्स की जिम्मेदारी आसमान में विमान को सुरक्षित उड़ाने की थी, वही कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार का हिस्सा बन गया. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने अपने पेशे और संपर्कों का इस्तेमाल मादक पदार्थों की तस्करी के लिए किया था या नहीं.
क्राइम ब्रांच की जांच का दायरा अब आरोपी अरशद से आगे बढ़ गया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वह अकेले ही इस पूरे खेल को अंजाम दे रहा था या उसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था. 814 ग्राम MDMA की बरामदगी के बाद पुलिस को शक है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है.
करोड़ों के ड्रग्स नेटवर्क की खुल रही कड़ियां
क्राइम ब्रांच के एसीपी नवीन शर्मा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस अब इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क को खंगाल रही है. जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अरशद को MDMA की सप्लाई कौन करता था और वह इस मादक पदार्थ को आगे किन लोगों तक पहुंचाता था.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे. क्या उसके साथ एयरलाइंस, एविएशन सेक्टर या किसी अन्य जगह से जुड़े लोग भी इस नेटवर्क में शामिल थे, इसकी भी पड़ताल की जा रही है. पुलिस को शक है कि आरोपी के पीछे ऐसे लोग हो सकते हैं जो लंबे समय से मादक पदार्थों की सप्लाई का अवैध कारोबार चला रहे हैं.
क्राइम ब्रांच अब आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क की सप्लाई चेन तक पहुंचने की कोशिश कर रही है. पुलिस यह भी पता लगाएगी कि बरामद MDMA की डिलीवरी कहां होनी थी और इसके पीछे कौन लोग हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस मादक पदार्थ की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है, ऐसे में पुलिस जांच को बेहद अहम माना जा रहा है.
पायलट की गिरफ्तारी से कई सवाल
अरशद की गिरफ्तारी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि एक चार्टर्ड फ्लाइट पायलट आखिर नशे के कारोबार में कैसे उतर गया. पुलिस पूछताछ में खुद MDMA के सेवन से शुरुआत करने और बाद में तस्करी करने की बात सामने आने के बाद अब जांच एजेंसियां उसके पूरे बैकग्राउंड को खंगाल रही हैं.
पुलिस आरोपी के संपर्कों, उसके ड्रग्स नेटवर्क और मादक पदार्थों की सप्लाई से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है. यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अरशद कब से इस अवैध धंधे में शामिल था और अब तक कितनी मात्रा में MDMA की तस्करी कर चुका है.
फिलहाल, क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ NDPS Act के तहत कार्रवाई की जा रही है. 814 ग्राम MDMA की बरामदगी के बाद जांच एजेंसी की नजर अब उन लोगों पर है, जिन्होंने आरोपी को यह मादक पदार्थ उपलब्ध कराया और जिन तक इसकी सप्लाई होनी थी. आने वाले दिनों में पूछताछ और जांच के दौरान इस कथित ड्रग्स नेटवर्क से जुड़े और भी नाम सामने आने की संभावना है.