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जमीन घोटाले में फंसे रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी को एक और नोटिस

लैंड डील मामले की जांच के लिए जस्टिस ढींगरा कमीशन की नियुक्ति के बाद हरियाणा की मौजूदा बीजेपी सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी और अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया. उन पर हरियाणा VAT एक्ट के उल्लंघन का आरोप है.

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रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो)
रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो)

लैंड डील मामले की जांच के लिए जस्टिस ढींगरा कमीशन की नियुक्ति के बाद हरियाणा की मौजूदा बीजेपी सरकार ने रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया. उन पर हरियाणा VAT एक्ट के उल्लंघन का आरोप है.

सूत्रों के मुताबिक, नोटिस में कहा गया है कि वाड्रा जवाब दें कि क्या उन्होंने हरियाणा VAT एक्ट 2003 के तहत टैक्स भरा है या नहीं. राज्य में कांग्रेस की सरकार रहते लगा था.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद की लैंड डील की जांच करवा रही राज्य सरकार को कुछ और बड़ी खामियों का पता चला है. उन पर जमीन की खरीद और सही से टैक्स न भरने के आरोप भी लगे हैं, जिसके बाद वाड्रा की कंपनी और अन्य को नोटिस भेजा गया.

नोटिस में वाड्रा से तीन अहम सवाल किए हैं-
1. डीएलएफ को भेजी गई जमीन की कीमत?
2. डीएलएफ को बेचे गए लाइसेंस नंबर KC 1868 की असली कीमत?
3. जमीन/लाइसेंस बेचने के बाद VAT जमा करने की जानकारी?

जमीन की जगह बेच दिया लाइसेंस
नोटिस के मुताबिक, को टाउन एंड कंट्री प्लानिंग डिपार्टमेंट की ओर से कमर्शियल कॉलोनी बनाने का लाइसेंस मिला था. बाद में पाया गया कि कंपनी ने जमीन बेचने के बजाय अपना लाइसेंस ही डीएलएफ को 58 करोड़ में बेच दिया.

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इस मामले रॉबर्ट वाड्रा ने सफाई देते हुए कहा कि स्काईलाइट ने किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं किया है. जो भी लेन-देन किया गया है वह पूरी पारदर्शिता के साथ हुआ है. वहीं, के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं.

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