हरियाणा सरकार विधानसभा में जल्द शुरू होनेवाले सत्र में एक विधेयक पेश करने जा रही है. इसमें पांच समुदायों को आरक्षण दिया जाएगा जिसमें जाट भी शामिल है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 14 मार्च से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में पांच जातियों को आरक्षण देने का विधेयक लाया जाएगा. इनमें जाट, जाट सिख, त्यागी, विश्नोई और रोरस शामिल हैं.
We will bring bill in the upcoming assembly session- Haryana CM ML Khattar
— ANI (@ANI_news)
विधेयक का मसौदा तैयार
ने कहा कि पांच सदस्यों की समिति ने प्रधान सचिव की अध्यक्षता में इस विधेयक का मसौदा तैयार कर दिया है, ताकि संविधान के दायरे में इन जातियों को आरक्षण दिया जा सके. उन्होंने बताया कि इस करने में सलाह देने के लिए सर्वदलीय समिति का गठन किया गया है.
खट्टर सरकार लाएगी विधेयक
प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने राज्य में किया था. हाल ही में जाट आन्दोलन के दौरान राज्य प्रशासन 9 दिनों तक पंगु बना रहा. इस दौरान कम से कम 30 लोगों की हत्या हुई और 200 से ज्यादा घायल हुए. साथ अरबों रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया.
सर्वसम्मति बनाने की होगी कोशिश
खट्टर ने एक बयान जारी कर कहा, 'अगर नए विधेयक को सर्वसम्मति से तैयार करने में सफल होती है तो विधानसभा में इसे बिना बहस के पारित किया जा सकेगा.'
सभी दलों ने नाम भेजने को कहा
मुख्यमंत्री ने सभी पंजीकृत राजनीतिक दलों से इस समिति के लिए अपने प्रतिनिधि का नाम भेजने को कहा. खट्टर ने इसके अलावा आंदोलन में शामिल लोगों से भी इस विधेयक के लिए सलाह देने को कहा.
ओबीसी कोटा में नहीं होगा बदलाव
खट्टर ने साफ किया है कि वर्तमान में राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 फीसदी आरक्षण में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने इसके अलावा लोगों से राज्य में कायम रखने की अपील की.
इनपुट..IANS.