
'राम-राम सभी भाइयों को, मैं हरि बॉक्सर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से...' हरियाणा के हांसी में जिम संचालक कपिल की हत्या के कुछ घंटे बाद सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल होता है. करीब एक मिनट की इस रिकॉर्डिंग में खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताने वाला शख्स न सिर्फ हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने का दावा करता है, बल्कि हत्या के पीछे की वजह भी बताता है.
ऑडियो सामने आने के बाद हांसी में गुरुवार सुबह हुई सनसनीखेज वारदात को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं. पुलिस जहां सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है, वहीं वायरल ऑडियो ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
सुबह 5:30 बजे चली गोलियां, 5 सेकेंड में खत्म हो गई जिंदगी
घटना हांसी के फव्वारा चौक के पास की है. रोज की तरह सुबह का समय था. जिम संचालक कपिल युवाओं को एक्सरसाइज करवा रहे थे. आसपास लड़के-लड़कियां वार्म-अप कर रहे थे. किसी को अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ सेकेंड में वहां गोलियों की आवाज गूंजने वाली है. सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक बाइक पर दो युवक पहुंचे. चलाने वाले ने हेलमेट पहन रखा था, जबकि गोली चलाने वाले ने टोपी और मुंह पर रूमाल बांधा था. बाइक रुकते ही हमलावर कपिल के करीब पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. सीसीटीवी फुटेज में भी पूरी वारदात कुछ सेकेंड की दिखाई दे रही है. गोली लगते ही कपिल जमीन पर गिर पड़े. हमलावर बिना रुके वापस बाइक पर बैठे और मौके से फरार हो गए. पुलिस के अनुसार फायरिंग के दौरान वहां मौजूद शिखा नाम की युवती भी घायल हो गई. उसे छर्रे लगे हैं और उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
CCTV में कैद हुई पूरी वारदात
घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने सब कुछ खोल दिया. फुटेज में हमलावरों की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं. पुलिस आसपास के अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस दिशा से आए और वारदात के बाद कहां गए. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों ने पहले से रेकी की थी या नहीं. क्योंकि जिस तरीके से हमलावर सीधे कपिल तक पहुंचे और कुछ सेकेंड में वारदात को अंजाम देकर निकल गए, उससे यह आशंका जताई जा रही है कि उन्हें कपिल की दिनचर्या की पूरी जानकारी थी.
फिर वायरल हुआ 'राम-राम भाइयों' ऑडियो
वारदात के बाद सबसे ज्यादा चर्चा जिस चीज की हो रही है, वह है सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो. ऑडियो में एक व्यक्ति खुद को हरि बॉक्सर बताते हुए कहता है कि हांसी में जिम संचालक कपिल की हत्या की जिम्मेदारी वह, आरडी ढालीवाल, हरमन संधू और विक्रम कढाल लेते हैं. रिकॉर्डिंग में यह भी दावा किया गया है कि कपिल पहले हुई एक फायरिंग की घटना का कथित साजिशकर्ता था और उसने कुछ लोगों का सहयोग किया था. ऑडियो में कहा गया है कि उसे दो बार समझाया गया था, लेकिन उसने बात नहीं मानी. हालांकि पुलिस ने अभी तक वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि रिकॉर्डिंग कब और कहां बनाई गई तथा इसे सोशल मीडिया तक किसने पहुंचाया.

लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम आने से बढ़ी गंभीरता
हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है. पिछले कुछ वर्षों में उत्तर भारत के कई राज्यों में हुई चर्चित घटनाओं के बाद भी सोशल मीडिया के जरिए जिम्मेदारी लेने के दावे सामने आते रहे हैं. ऐसे मामलों में पुलिस आमतौर पर तकनीकी जांच के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचती है. हांसी मामले में भी जांच एजेंसियां वायरल ऑडियो और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के बीच संबंध तलाश रही हैं.
पुलिस के सामने सबसे बड़े सवाल
- क्या हमलावर स्थानीय थे या बाहर से आए थे?
- क्या हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी?
- वायरल ऑडियो असली है या नहीं?
- ऑडियो में किए गए दावों का वारदात से क्या संबंध है?
- हमलावरों को कपिल की लोकेशन और दिनचर्या की जानकारी कैसे मिली?
- इलाके में दहशत, पुलिस की कई टीमें सक्रिय
घटना के बाद हांसी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं. सीआईए, साइबर टीम और स्थानीय पुलिस अलग-अलग स्तर पर जांच कर रही हैं. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए हैं. वहीं तकनीकी टीम मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण कर रही है. फिलहाल इस पूरे मामले में दो चीजें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं एक सीसीटीवी फुटेज और दूसरा 'राम-राम भाइयों...' से शुरू होने वाला वायरल ऑडियो. सीसीटीवी फुटेज वारदात की तस्वीर दिखा रहा है, जबकि वायरल ऑडियो हत्या के पीछे की कथित वजह बताने का दावा कर रहा है. अब यह जांच का विषय है कि दोनों के बीच क्या संबंध है और क्या वायरल रिकॉर्डिंग में किए गए दावों का समर्थन करने वाले कोई सबूत पुलिस को मिलते हैं या नहीं.