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कनाडा भेजने का सपना दिखाया, फिर ठग लिए ढाई करोड़... फर्जी वीजा लेटर का खेल बेनकाब

शिकायतकर्ताओंं ने कंपनी से ईमेल पर पुष्टि की तो ऑफर लेटर फर्जी निकला और पैसे लौटाने वाला चेक भी बाउंस हो गया, जिसके बाद जांच में वडोदरा के बाहर गांधीनगर, खेड़ा, अंकलेश्वर, अहमदाबाद और आणंद तक फैले जाल का पता चला. पुलिस ने धोखाधड़ी समेत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

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कनाडा वर्क वीजा के नाम पर 17 लोगों के साथ ठगी हुई है. (Photo- ITG)
कनाडा वर्क वीजा के नाम पर 17 लोगों के साथ ठगी हुई है. (Photo- ITG)

वडोदरा के कारेलीबाग इलाके में स्थित अक्षर फॉरेन एजुकेशन कंसल्टेंसी के संचालक अनित उर्फ अतीत बारोट के खिलाफ कनाडा वर्क परमिट वीजा दिलाने के नाम पर 17 लोगों से 2,30,95,600 रुपये से ज्यादा की ठगी का मामला दर्ज किया गया है. शिकायत धवलभाई ने दर्ज कराई है. कारेलीबाग पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को पकड़ने की कार्रवाई शुरू कर दी है.

पुलिस जांच में सामने आया है कि यह जाल सिर्फ वडोदरा तक सीमित नहीं था. गांधीनगर, खेड़ा, अंकलेश्वर, अहमदाबाद और आणंद के लोग भी इसका शिकार हुए. जांच के मुताबिक, कनाडा भेजने के बहाने लोगों से 3 लाख रुपये से लेकर 22 लाख रुपये तक लिए गए. जोविवेल क्रिस्टी, जयदीप रबारी, भगीरथ सांगाणी और केतन ठक्कर समेत कई लोगों के नाम सामने आए हैं.

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शिकायतकर्ता धवलभाई परिवार के साथ वडोदरा में रहते हैं और एक निजी कंपनी में मैनेजर हैं. फरवरी 2024 में वे कनाडा वर्क परमिट पर जाना चाहते थे. इसी दौरान उनकी पत्नी के ऑफिस सहयोगी पीयूष शाह के जरिए उनका संपर्क अक्षर फॉरेन एजुकेशन के अतीत बारोट से हुआ.

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पीयूष शाह ने बताया था कि वह भी कनाडा जाना चाहते हैं और इस सिलसिले में अतीत बारोट से बात चल रही है. इसके बाद धवलभाई अपनी पत्नी के साथ अतीत बारोट से मिले और अपने वीजा को लेकर बात की.

कनाडा भेजने का खर्च 17 लाख बताया

शिकायत के मुताबिक, अतीत बारोट ने कनाडा भेजने के लिए कुल 17 लाख रुपये खर्च बताया. उसने कहा कि आधी रकम पहले देनी होगी और बाकी रकम कनाडा पहुंचने के बाद वेतन से काट ली जाएगी. इसके बाद धवलभाई ने स्टाम्प पेपर पर नोटरी करवाकर बैंक ट्रांसफर और चेक के जरिए लाखों रुपये अतीत बारोट के खाते में जमा कराए. पैसे मिलने के बाद आरोपी ने ईमेल के जरिए एटीसीओ एलटीडी कंपनी का कथित एलएमआईए लेटर भेजा.

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जब कंपनी को किया तो फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

बाद में धवलभाई ने इस लेटर की पुष्टि के लिए कंपनी को ईमेल किया. तब पता चला कि यह लेटर पूरी तरह गलत और फर्जी था. इसके बाद उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे. आरोपी ने 7.80 लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन बैंक में जमा करने पर वह बाउंस हो गया. इसके बाद धवलभाई ने पुलिस से संपर्क किया. पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज बनाकर विदेश जाने के इच्छुक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई. इसी मामले में कारेलीबाग पुलिस ने अतीत बारोट के खिलाफ धोखाधड़ी समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

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