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जंतर-मंतर पर कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की जांच एक महीने में पूरी करे कमेटी, सुप्रीम कोर्ट ने तय की समयसीमा

सुप्रीम कोर्ट ने जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई की जांच कर रही हाई पावर कमेटी को एक महीने में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी. कोर्ट ने कहा कि 31 अक्टूबर की रिपोर्ट में आरोपों पर कोई नतीजा नहीं है.

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सुप्रीम कोर्ट ने हाई पावर कमेटी को एक महीने में जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है (File Photo: PTI)
सुप्रीम कोर्ट ने हाई पावर कमेटी को एक महीने में जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है (File Photo: PTI)

दिल्ली में जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को खरी खरी सुनाई है. कोर्ट ने जांच कर रही हाई पावर कमेटी को एक महीने में रिपोर्ट देने को कहा है. कोर्ट के मुताबिक रिपोर्ट के लिए अनिश्चित काल तक इंतजार नहीं हो सकता. केंद्र सरकार से भी विस्तृत हलफनामा मांगा गया है. अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी.

मामला छात्रों के विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है. पुलिस और प्रदर्शनकारियों ने एक दूसरे पर हिंसा के आरोप लगाए थे. इनकी जांच के लिए कोर्ट ने पूर्व जस्टिस आर सुभाष रेड्डी की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय हाई पावर कमेटी बनाई है. कमेटी को सबसे पहले पेलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर हिंसा और परेशान करने के आरोपों और दोनों पक्षों की ज्यादा हिंसा और संपत्ति के नुकसान की जांच करनी है.

कमेटी ने आज सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट पेश की. याचिकाकर्ताओं ने कहा कि कमेटी अगस्त में बनी, पर प्रगति का पता नहीं चला. कोर्ट ने कहा कि 31 अक्टूबर की रिपोर्ट सिर्फ अब तक के काम की जानकारी देती है और आरोपों पर कोई नतीजा नहीं बताती. कमेटी सभी दस्तावेजों और सबूतों की जांच करे और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगे. कमेटी खुद को सिर्फ पीड़ितों की शिकायतों तक सीमित न रखे और वकीलों और दूसरे लोगों की ओर से दी गई शिकायतें, वीडियो और सबूत भी देखे.

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मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सौंपे गए खास मुद्दों पर नतीजे आने के बाद उन्हें साझा किया जाएगा. फिलहाल पहली चिंता यह है कि शिकायतकर्ता अपनी बात कमेटी के सामने रखें. पोर्टल पर कुछ ही शिकायतें मिली हैं, ईमेल, डाक या सीधे कोई नहीं आई. कमेटी ने 26 अक्टूबर को बैठक की, जिसका मीडिया में प्रचार हुआ और शिकायत करने वाले प्रदर्शनकारियों को नोटिस भेजे गए. लेकिन 29 अक्टूबर को सिर्फ एक शिकायतकर्ता आया और हलफनामा दिया. कुछ पुलिसकर्मी पेश हुए. अब कमेटी शिकायतों की जांच शुरू करेगी. पोर्टल करीब तीन सप्ताह पहले चालू हुआ है, इसलिए आगे और शिकायतें आ सकती हैं.

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि केंद्र का जवाब तैयार है, जल्द दाखिल होगा.

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