दक्षिण दिल्ली के साकेत इलाके के सैदुलाजाब में बहुमंजिला इमारत ढहने में छह लोगों की मौत हो गई. इसके बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. इस मामले में पुलिस ने बिल्डिंग के मालिक करमवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. वहीं हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने महरौली, साकेत और आसपास के इलाकों में अवैध निर्माणों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है.
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में गैर इरादतन हत्या समेत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज की गई है. हादसे की वजहों का पता लगाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जांच जारी है. पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं. हादसे के दो दिन बाद MCD ने साफ कर दिया है कि अब अवैध निर्माणों के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा.
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती निरीक्षण में गिरी हुई इमारत के आसपास छह ऐसी इमारतों की पहचान की गई है, जिनमें बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन पाया गया है. इन इमारतों को सील करने और खाली कराने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सकती है. जिन इमारतों में जमीन के ऊपर तीन से ज्यादा मंजिल का निर्माण पाया जाएगा, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा.
एक अधिकारी ने कहा, "हम उन सभी अनाधिकृत इमारतों को नोटिस देंगे जिनमें G+3 से अधिक निर्माण किया गया है. यह अभियान महरौली, साकेत और आसपास के अन्य इलाकों में चलाया जाएगा." दक्षिण दिल्ली के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं. अकेले साकेत क्षेत्र के कई इलाकों में बड़ी संख्या में अनधिकृत निर्माण किए गए हैं.
इनमें सैदुलाजाब, पर्यावरण कॉम्प्लेक्स और फ्रीडम फाइटर्स एन्क्लेव शामिल हैं. इसी तरह महरौली और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाएगा. जांच के दौरान जहां भी नियमों के खिलाफ निर्माण पाया जाएगा, वहां कार्रवाई की जाएगी. गिरी हुई इमारत के आसपास चिन्हित छह इमारतों के मालिकों को मंगलवार को 'कारण बताओ नोटिस' जारी किए जाएंगे.
इसके बाद कानून के तहत निर्धारित 72 घंटे की अवधि पूरी होने पर इन नोटिसों को 'खाली करने और सील करने' के आदेश में बदल दिया जाएगा. ऐसे में इन इमारतों में रहने वाले लोगों को परिसर खाली करने के निर्देश दिए जा सकते हैं. MCD की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरी हुई इमारत का निर्माण साल 2013 में किया गया था. इसका मालिकाना हक मनीष खत्री के पास दर्ज है.
MCD के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस इमारत को लेकर पहले कोई शिकायत या अनाधिकृत निर्माण से संबंधित कोई आवेदन लंबित था या नहीं." नगर निगम उन संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करता है, जहां अनधिकृत निर्माण किया गया हो, भवन की मूल संरचना में गंभीर बदलाव किए गए हों या व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हों.
ऐसे मामलों में MCD संबंधित इमारत को सील कर सकती है या उसे खाली कराने का आदेश जारी कर सकती है. इस हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सभी अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हर स्तर पर लापरवाही के लिए जवाबदेही तय की जाएगी.