जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहा विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सभी कोर्सेस की क्लासेज को ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया. प्रशासन के इस फैसले पर अब छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है.
ऑफलाइन क्लासेज बंद किए जाने के बाद से ही कैंपस का माहौल गरमाया हुआ है. इसी कड़ी में रविवार को जामिया के गेट नंबर 7 के बाहर जोरदार हंगामा देखने को मिला. बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं कैंपस के बाहर जमा होकर प्रदर्शन करने लगे.
ऑनलाइन क्लासेज के फैसले के बाद छात्रों में प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ गुस्सा और बढ़ गया है. पूरा कैंपस और आसपास का इलाक छावनी में तब्दील हो चुका है. कैंपस के अंदर और बाहर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है.
हालात पर काबू पाने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया. पुलिस गेट के बाहर जुटे छात्र-छात्राओं को वहां से हटाने की कोशिश कर रही है. पुलिस के खदेड़े जाने के बावजूद छात्र कैंपस के अंदर से लगातार नारेबाजी कर रहे हैं. मौके से कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें महिला पुलिसकर्मियों को छात्राओं को जबरन उठाकर पुलिस की गाड़ी में बिठाते देखा जा सकता है.
सुरक्षा का हवाला देकर ऑनलाइन क्लासेज का निर्देश
बता दें कि शुक्रवार को कैंपस की दीवारों पर कुछ विवादित और आपत्तिजनक नारे लिखे जाने के बाद से ही स्थिति बिगड़ गई थी. छात्रों की सुरक्षा का हवाला देते हुए रजिस्ट्रार कार्यालय ने 24 अक्टूबर को एक नोटिस जारी किया. इसके तहत तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक सभी कोर्स की क्लासेज को ऑफलाइन से ऑनलाइन मोड पर शिफ्ट कर दिया गया है.
रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिजवी की ओर से जारी आदेश में सभी डिपार्टमेंट के हेड, टीचरों और स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लासेज करने को कहा गया है ताकि छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो. हालांकि, छात्र इस फैसले से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं.
14वें दिन भी जारी छात्रों का प्रदर्शन
कैंपस के अंदर छात्र संघ (JMISU) बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा ये आंदोलन आज 14वें दिन भी जारी है. प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन उनकी मांगें मानकर छात्र संघ चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं करता, तब तक उनका ये आंदोलन किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगा.