भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अगले हफ़्ते वॉशिंगटन की अपनी तय यात्रा से पहले, गुरुवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ बातचीत की. इस चर्चा में व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज और डिफेंस जैसे सेक्टर्स सहित द्विपक्षीय संबंधों के मुख्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया.
विदेश मंत्री महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं पर पहली मंत्रिस्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा कर रहे हैं.
ऐसी संभावना है कि वह विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ द्विपेंडीय बैठक करेंगे. इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्ष प्रस्तावित व्यापार समझौते को पूरा करने के लिए नई कोशिश कर रहे हैं.
'मिलकर खुशी हुई...'
जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट में तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, "आज नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मिलकर खुशी हुई. हमारी बातचीत में हमारी पार्टनरशिप के कई पहलुओं पर बात हुई. मैंने उनका स्वागत किया और यकीन जताया कि वे भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में योगदान देंगे."
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि उनकी और जयशंकर की बहुत ही अहम बातचीत हुई जिसमें रक्षा, व्यापार, ज़रूरी मिनरल्स और हमारे कॉमन हितों के लिए काम करने जैसे सभी मुद्दों पर चर्चा हुई. इस महीने की शुरुआत में पद संभालने वाले सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर कहा, "और भी बहुत कुछ आने वाला है, देखते रहिए."
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संसद में सरकार का लिखित जवाब...
भारत सरकार ने गुरुवार को संसद में बताया कि अमेरिका, भारत के सबसे बड़े ट्रेडिंग पार्टनर्स में से एक बना हुआ है और दोनों पक्ष अभी एक-दूसरे के लिए फायदेमंद मल्टी-सेक्टरल द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं.
राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में, विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने यह भी कहा कि 'दोनों देश राष्ट्रीय हितों के आधार पर विदेश नीतियां अपनाते हैं', जो कुछ व्यापार उपायों, प्रतिबंधों से जुड़े मुद्दों और खास क्षेत्रीय घटनाओं के प्रति उनके दृष्टिकोण को दर्शाती हैं.
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टैरिफ बनी थी बातचीत में बाधा
भारत और अमेरिका ने पिछले साल प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को पक्का करने के लिए कई दौर की बातचीत की थी. हालांकि, पिछले साल अगस्त में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय सामानों पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाने और रूसी तेल खरीद पर 25 फीसदी का दंडात्मक शुल्क लगाने के बाद बातचीत में रुकावट आ गई.
टैरिफ के अलावा, कई अन्य मुद्दों पर भी संबंधों में तनाव आया, जिनमें पिछले साल मई में ट्रंप का भारत-पाकिस्तान संघर्ष खत्म करने का दावा और वॉशिंगटन की नई इमिग्रेशन पॉलिसी शामिल हैं. एजेंसी के मुताबिक, अधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि भारत और अमेरिका ने व्यापार समझौते के लिए अपनी बातचीत में "बहुत महत्वपूर्ण" प्रगति की है.
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली ने यूरोपीय संघ के साथ अपने फ्री ट्रेन एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने के आखिरी चरणों के दौरान भी वॉशिंगटन के साथ बातचीत में सकारात्मक परिणाम के लिए लगातार गति बनाए रखी.