दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल में एक 42 वर्षीय मरीज पर कथित तौर पर छत का पंखा गिरने के करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई, जिसके बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर देखभाल में बड़ी चूक का आरोप लगाते हुए घटना की जांच की मांग की है. हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की मौत पंखा गिरने की वजह से नहीं हुई, बल्कि उनकी मौत बीमारी की वजह से हुई है.
जीटीबी अस्पताल प्रशासन ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि 42 वर्षीय मरीज अकबर को बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वह अनियंत्रित हाइपरटेंशन, स्ट्रोक या एंसिफेलोपैथी और एस्पिरेशन निमोनिया के साथ रेस्पिरेटरी फेलियर (सांस लेने में दिक्कत) से पीड़ित था.
अस्पताल के मुताबिक, मरीज की मौत छत के पंखे की घटना के कारण नहीं, बल्कि उसकी पहले से मौजूद बीमारी के कारण हुई और इसका पंखा गिरने की घटना से कोई संबंध नहीं है.
पंखा की रॉड टूटने से हुआ हादसा
अस्पताल ने ये भी कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि पंखा उसकी रॉड (शाफ्ट) टूटने के कारण गिरा था. अस्पताल ने बताया कि ये घटना शनिवार रात करीब 9.30 बजे वार्ड 27 के एक क्यूबिकल में हुई.
अस्पताल ने बताया कि शुरुआती निरीक्षण में पता चला है कि पंखे का शाफ्ट टूट (फ्रैक्चर) गया था, जिसके कारण वह नीचे गिर गया. प्रशासन के अनुसार, सामान्य परिचालन स्थितियों में इस तरह की खराबी बेहद असामान्य है और मामले की विस्तृत जांच की जाएगी. अस्पताल का दावा है कि पंखा गिरने के तुरंत बाद मरीज की चिकित्सीय जांच की गई थी और उसके शरीर पर किसी भी तरह की बाहरी चोट के निशान नहीं पाए गए थे.
'मैं देखी है पूरी घटना'
घटना को देखने का दावा करने वाले वकील असलम कुरैशी ने कहा, 'मैं अपने भाई से मिलने वार्ड में गया था, तभी मैंने देखा कि छत का पंखा एक मरीज पर गिर गया. मैंने तुरंत घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया. मरीज की उम्र करीब 50 साल लग रही थी और उसे एक दिन पहले ही भर्ती कराया गया था. घटना से पहले वह ठीक था, लेकिन बाद में उसकी मौत हो गई. डॉक्टर कह रहे हैं कि पंखा एक नर्स पर गिरा था, लेकिन मैं वहां मौजूद था और मैंने उसे मरीज पर गिरते देखा था.'
उन्होंने आरोप लगाया, 'डॉक्टर मरीज के पास देर से पहुंचे. अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती है. मरीजों के लिए लगे पंखे और एयर-कंडीशनर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, जबकि डॉक्टरों के लिए एयर-कंडीशनिंग की सुविधा है. यहां मरीजों की जान की कोई कीमत नहीं है.'
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छत का पंखा अचानक ढीला होकर सीधे मरीज के बिस्तर पर गिरा और अकबर के पेट पर लगा. अस्पताल के कर्मचारियों ने तुरंत उसे देखा. अस्पताल ने बताया कि मरीज की मौत रविवार दोपहर को हुई.
घटना की खबर मिलते ही रविवार सुबह अकबर के परिजन अस्पताल पहुंचे और हंगामा करते हुए जांच की मांग की. वार्ड में मौजूद अन्य तीमारदारों ने आरोप लगाया कि कई एयर कंडीशनर खराब पड़े हैं, जिससे भीषण उमस में केवल पंखे ही सहारा हैं.
स्टाफ पर गलत सुई लगाने का भी आरोप
एक अन्य तीमारदार ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके भाई को पहले गलत सुई लगा दी गई थी, जिसे बाद में आकर स्टाफ ने बदला.
PWD ने बदला पंखा
हादसे की सूचना मिलते ही लोक निर्माण विभाग (PWD) की रखरखाव टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित इलाके को सुरक्षित किया. टीम ने टूटे हुए पंखे को हटाकर वहां तुरंत नया पंखा लगा दिया. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि इस घटना के कारण किसी भी मरीज, अटेंडेंट या स्वास्थ्य कार्यकर्ता को कोई बड़ी चोट नहीं आई है. मृतक के शव को परिजनों को सौंप दिया गया है.