scorecardresearch
 

CJP प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली आने वाली कई ट्रेनें कैंसिल, कांग्रेस के धरने के बीच 5000 लोगों की ट्रेन छूटी

दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले CJP प्रोटेस्ट के कारण सुरक्षा व्यवस्था सख्त है और रेल यातायात प्रभावित हुआ है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, 5,000 से ज्यादा यात्री अपनी ट्रेन नहीं पकड़ सके. नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन आने वाली कई ट्रेनें शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दी गई हैं.

Advertisement
X
CJP प्रोटेस्ट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने के बीच रेल यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है (Photo: PTI)
CJP प्रोटेस्ट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था सख्त किए जाने के बीच रेल यातायात प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है (Photo: PTI)

दिल्ली में 10 अक्टूबर को होने वाले CJP प्रोटेस्ट को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है और इसका सीधा असर रेल यातायात पर पड़ा है. भारतीय रेलवे के अधिकारियों के मुताबिक, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक पहुंचने वाले रास्तों पर लगी पाबंदियों की वजह से 5,000 से ज्यादा यात्री अपनी ट्रेन नहीं पकड़ सके.

नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई ट्रेनें उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दी गई हैं. दूसरी तरफ कांग्रेस और विपक्षी दलों की हलचल भी तेज है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्षी सांसद लगातार बैठकें और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. आज कांग्रेस के कार्यक्रम पर भी सबकी नजर है.

सबसे पहले बात रेल यातायात की. CJP प्रोटेस्ट को लेकर दिल्ली में सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए गए हैं. इन इंतजामों के तहत नई दिल्ली रेलवे स्टेशन तक जाने वाले रास्तों पर पाबंदियां लगाई गई हैं. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इन पाबंदियों की वजह से लोग समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाए और 5,000 से ज्यादा यात्रियों की ट्रेन छूट गई. यानी बड़ी संख्या में लोग अपनी यात्रा शुरू ही नहीं कर सके.

परेशानी सिर्फ स्टेशन के रास्तों तक सीमित नहीं है. CJP प्रोटेस्ट को देखते हुए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है. इसका सबसे ज्यादा असर उन यात्रियों पर पड़ा है, जो दिल्ली आने वाले थे. ऐसे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: पटना में तेजस्वी का मार्च, बेंगलुरु में CJP का प्रोटेस्ट... शहर-शहर ज्ञानेश कुमार का चौतरफा विरोध

अब राजधानी की राजनीतिक हलचल पर नजर डालते हैं. एक तरफ CJP प्रोटेस्ट को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की चुनौती है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस और विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन भी राजनीतिक माहौल को गरमा रहे हैं. पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में विपक्षी सांसद लगातार बैठकें और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

इसकी एक बड़ी कड़ी 7 अक्टूबर को दिखी. उस दिन खड़गे के लंच के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर की ओर बढ़े. इस दौरान पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में ले लिया. करीब दो घंटे बाद इन सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया.

अगले दिन, यानी 8 अक्टूबर को भी खड़गे ने विपक्षी सांसदों को लंच के लिए बुलाया. यह लंच कनॉट प्लेस स्थित मोएट्स में रखा गया था. लगातार दूसरे दिन इसी इलाके में लंच का आयोजन होने की वजह से विपक्ष की आगे की रणनीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं. कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल उठाते रहे हैं.

Advertisement

आज भी कांग्रेस के कार्यक्रम पर नजर रहेगी. 10 अक्टूबर को CJP प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली में कांग्रेस और विपक्षी दलों की गतिविधियां भी अहम मानी जा रही हैं. चुनाव आयोग के खिलाफ पिछले दिनों हुए प्रदर्शन के बाद अब सबकी निगाह इंडिया गठबंधन के आगे की रणनीति पर टिकी है. 

इस बीच रेलवे परिचालन में हुए बदलावों ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जिन यात्रियों को दिल्ली पहुंचकर आगे की यात्रा करनी है, उनकी परेशानी और बढ़ सकती है. इसलिए यात्रियों के लिए जरूरी है कि वे अपनी ट्रेन की स्थिति और परिचालन से जुड़े अपडेट की जानकारी लेते रहें. दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और सुरक्षा इंतजामों के बीच अब इस बात पर भी नजर रहेगी कि आने-जाने के रास्तों और रेलवे सेवाओं पर इसका कितना असर पड़ता है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement