गृहमंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को छत्तीसगढ़ के दौरे पर रहे, इस दौरान उन्होंने एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की. राजनाथ सिंह ने यहां कहा कि मानसून के दौरान भी नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. आम तौर पर बारिश के मौसम में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षाबल जंगलों में ऑपरेशन कम करते हैं, लेकिन इसबार ऐसा नहीं होगा.
बता दें कि मानसून के दौरान जंगल में विजिबिलटी काफी कम हो जाती है, वहीं मच्छरों और जीव-जंतुओं का खतरा भी मंडराता रहता है. राजनाथ सिंह ने कहा कि अब बारिश के माह में भी ऑपरेशन जारी रहेगा. आपको बता दें कि राजनाथ सिंह रायपुर में एंटी नक्सल ऑपरेशन पर बड़ी बैठक करने पहुंचे थे, इस दौरान राज्य के सीएम रमन सिंह भी मौजूद रहे.
HM Shri reviewing the progress of Chhattisgarh’s ‘Aspirational Districts’ at a meeting in Raipur.
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नक्सली नेताओं की फंडिंग पर नज़र
राजनाथ ने कहा कि माओवादी नेता जहां उनका प्रभाव है वहां की जनता को वो गरीब बनाए रखना चाहते हैं. उनके मुताबिक नक्सली नेता खुद रोजाना करोड़ों रुपए कमा रहे हैं, उनकी विदेशों में करोड़ों की संपत्ति है. उन्होंने कहा कि नक्सली नेताओं की फंडिंग पर सरकार की नज़र है, इसे रोकने की कोशिश की जा रही है. पड़ताल पूरी होने के बाद नेताओं की संपत्ति जब्त भी हो सकती है.
इस दौरान राजनाथ सिंह ने नक्सली उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ के बढ़ाए जा रहे कदम की भी सराहना की. उन्होंने बताया कि तेलंगाना के ग्रेहाउंड की तर्ज पर छत्तीसगढ़ सरकार ने भी एक बटालियन तैयार की है, इसका नाम ब्लैक पैंथर है. यह बटालियन दो महीने में अपनी ट्रेनिंग पूरी कर लेगी. उनके मुताबिक यह फोर आरआई बटालियन है, इसमें ज्यादातर बस्तर के ही नौजवानों को शामिल किया गया है.
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में नक्सलियों की ताकत घटी है, वे अब हमारे जवानों से फेस-टू-फेस लड़ाई नहीं लड़ पा रहे हैं. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों को ज्यादातर नुकसान IED धमाकों से हो रहा है. ताकत कम होने से नक्सली लगातार अपनी कायराना करतूत IED धमाकों के जरिए अंजाम दे रहे हैं.