बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हुई. राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में प्रजनन दर में आई कमी की बात कही. एक तरफ जहां सदन के अंदर नीतीश कुमार ने बिहार में प्रजनन दर में आई कमी की बात कही तो सदन के बाहर इसी मुद्दे को लेकर सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) विधायक ने विवादित बयान दे दिया.
बिस्फी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के विधायक हरि भूषण ठाकुर ने ऐसी बात कह दी जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है. बीजेपी विधायक ने कहा कि बिहार में प्रजनन दर में कमी जरूर आई है लेकिन ऐसा केवल हिंदू परिवारों में हुआ है. अन्य समाज में प्रजनन दर में कोई कमी नहीं आई है. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जनसंख्या बढ़ाकर इस देश पर कब्जा करना चाहते हैं. इसे इस्लामिक राष्ट्र बनाना चाहते हैं.
बीजेपी विधायक ठाकुर ने भारत को विकसित देश बनाने के लिए जनसंख्या नियंत्रण कानून को बेहद जरूरी बताया और कहा कि यह कानून पूरे देश में लागू होना चाहिए. देश में संसाधन सीमित हैं. बीजेपी विधायक से जब सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के मुस्लिम नेताओं को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने अपने सहयोगी दल की राष्ट्र भक्ति पर भी सवाल खड़े कर दिए.
बीजेपी विधायक ने कहा कि सबसे पहले राष्ट्र है फिर धर्म. लेकिन उन लोगों के लिए पहले धर्म है फिर राष्ट्र. राष्ट्रवाद की परिकल्पना है ही नहीं उन लोगों में. बीजेपी विधायक के इस बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम नीतीश भी बचते दिखे. उन्होंने सीधे-सीधे कोई जवाब देने से बचते हुए कहा कि सरकार हर जाति, धर्म के लोगों के विकास के लिए काम कर रही है. जो लोग हाशिए पर हैं, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं.
ओवैसी की पार्टी के विधायक ने किया पलटवार
बीजेपी विधायक हरि भूषण ठाकुर के विवादित बयान पर असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के विधायक अख्तरुल इमान ने पलटवार किया है. इमान ने बीजेपी विधायक के बयान को असंवैधानिक, गैरकानूनी और समाज को तोड़ने वाला बताया है. उन्होंने कहा कि प्रजनन का ताल्लुक कहीं भी धर्म से नहीं है, चाहे वह हिंदू समाज से हो या फिर मुस्लिम समाज से. इमान ने कहा कि जो लोग गरीब हैं उन लोगों के यहां बच्चे ज्यादा होते हैं. जो पढ़े-लिखे और आर्थिक रूप से संपन्न लोग हैं, उनके यहां बच्चे कम होते हैं. बीजेपी इस तरह की बातें करती है, जिससे नफरत की शुरुआत होती है.