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बिहार के सरकारी अस्पताल में साथ सोते हैं मरीज और कुत्ते

मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में 40 बेड हैं और वीडियो में नजर आ रहा है कि रात के वक्त उन 40 बेड में से 10 पर कुत्तों का कब्जा है. इस वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है के सर्जिकल वार्ड में कोई भी स्वास्थ्यकर्मी अथवा सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है.

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कुत्ते बेड पर सोते हैं
कुत्ते बेड पर सोते हैं

बिहार में बिगड़ती हुई स्वास्थ्य व्यवस्था और लापरवाही की एक ताजा तस्वीर सामने आई है. एक बार फिर से नीतीश कुमार सरकार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल का एक वीडियो सामने आया है जिसमें अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मरीजों के बेड पर कुत्ते सोते हुए नजर आ रहे हैं. सूत्रों की माने तो यह वीडियो कुछ ही दिन पहले अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती एक मरीज के सहायक ने अपने मोबाइल पर खींची है, जिसके बाद यह वीडियो वायरल हो गया है.

मुजफ्फरपुर सदर के सर्जिकल वार्ड में 40 बेड हैं और वीडियो में नजर आ रहा है कि रात के वक्त उन 40 बेड में से 10 पर कुत्तों का कब्जा है. इस वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है के सर्जिकल वार्ड में कोई भी स्वास्थ्यकर्मी या सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है. जिसकी वजह से कुत्ते रात के वक्त वार्ड के अंदर घुस जाते हैं और बेड पर सोते हैं.

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सर्जिकल वार्ड में मौजूद मरीजों के सहायक कहते हैं कि उन्होंने कई बार कुत्तों को वार्ड से भगाने की कोशिश की. मगर बार-बार वह वापस आ जाते हैं. लोगों का कहना है कि कई बार तो वार्ड में मौजूद कुत्ते मरीजों या फिर उनके सहायकों को काट लेते हैं और उन्हें बीमार कर देते हैं.

इस वीडियो के वायरल हो जाने के बाद मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने मंगलवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और कई किस्म की लापरवाही और गड़बड़ी नजर में आई. जिलाधिकारी ने कहा कि आमतौर पर सदर अस्पताल की देखरेख का काम मेडिकल सुपरिटेंडेंट, उप मेडिकल सुपरिटेंडेंट और अस्पताल के मैनेजर की जिम्मेदारी होती है. निरीक्षण में यह पाया गया कि इन स्वास्थ्य अधिकारियों ने अपने कार्य में लापरवाही बरती.

लापरवाह स्वास्थ्य अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने उप मेडिकल सुपरिटेंडेंट की तनख्वाह पर रोक लगा दी. जिलाधिकारी ने कहा कि और भी स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जहां तक अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में कुत्तों के सोने की बात है, जिलाधिकारी ने कहा कि एक गंभीर विषय है. इसके लिए उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अस्पताल के हर वार्ड में वार्ड बॉय और सुरक्षाकर्मियों का रहना अनिवार्य होगा ताकि किसी प्रकार के पशु का प्रवेश रोका जा सके.

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गौरतलब है कि के मुजफ्फरपुर के सदर अस्पताल में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है. कुछ महीने पहले अस्पताल की कैंपस में एक बूढ़ी महिला की लावारिस लाश मिली थी और अस्पताल के कर्मचारी उसकी बॉडी को कचरा उठाने वाली गाड़ी में भरकर पोस्टमार्टम के लिए गए थे. इस वीडियो के सामने आने के बाद भी काफी हंगामा हुआ था.

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