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30 सेकेंड में जानें कितने फिट हैं आप, घर पर करें ये कुर्सी वाला टेस्ट, उम्र के हिसाब से बता देगा सेहत का हाल

एक ऐसा टेस्ट है जिससे आप अपने घर पर ही अपनी फिटनेस और ताकत का पता लगा सकते हैं. टेस्ट में कम स्कोर दिल और फेफड़ों की समस्याओं का संकेत भी हो सकता है. नियमित एक्टिव रहने और एक्सरसाइज से इस स्कोर को बेहतर बनाया जा सकता है,

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फिटनेस टेस्ट
फिटनेस टेस्ट

आपका शरीर फिट है या नहीं, इसका पता एक आसान टेस्ट से घर पर भी लगा सकते हैं. इसे सिट-टू-स्टैंड टेस्ट कहा जाता है. यह टेस्ट सिर्फ 30 सेकेंड में किया जा सकता है. इससे पैरों की ताकत, शरीर का संतुलन और रोजमर्रा के काम करने की क्षमता का आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है. इस टेस्ट की मदद से डॉक्टर भी यह समझने की कोशिश करते हैं कि व्यक्ति को चलने-फिरने, गिरने या शारीरिक कमजोरी का कितना जोखिम हो सकता है. 

सिट-टू-स्टैंड टेस्ट शरीर के निचले हिस्से की ताकत के बारे में जानकारी देता है. खासकर जांघों और पैरों की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है. इसके अलावा बार-बार बैठने और खड़े होने के लिए अच्छा संतुलन और आपका अपने शरीर पर कंट्रोल कैसा है इसका भी पता चलता है. अगर आप इस टेस्ट में कम स्कोर ला रहे हैं तो समझें कि शारीरिक क्षमता कमजोर हो रही है. हालांकि सिर्फ इस टेस्ट के आधार पर किसी बीमारी का पता नहीं लगाया जा सकता है. उम्र, चोट, हाल ही में हुई सर्जरी और पहले से मौजूद बीमारियां भी देखी जाती हैं. अगर कोई बीमारी है या हाल ही में चोट लगी है तो इस टेस्ट को ना करें.

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कैसे करें सिट-टू-स्टैंड टेस्ट

सिट-टू-स्टैंड टेस्ट में आपको 30 सेकंड के अंदर कुर्सी से जितनी बार पूरी तरह खड़े होकर वापस बैठना है, उसकी गिनती की जाती है. इसके लिए आपको बस एक ऐसी कुर्सी चाहिए जिसकी पीठ सीधी हो और उसमें आर्मरेस्ट न हो. घर पर इस टेस्ट को करने के लिए आप सबसे पहले कुर्सी के बीच में बैठ जाएं. अपनी पीठ सीधी रखें और दोनों पैर जमीन पर रखें. इसके बाद अपने दोनों हाथों को सीने के सामने क्रॉस करके एक हाथों को ओपोजिट कंधों पर रखें. अब अपने फोन या घड़ी में एक 30 सेकंड का टाइमर शुरू करें. कुर्सी से पूरी तरह खड़े हों और फिर वापस बैठ जाएं. इस दौरान कोई सहारा बिलकुल न लें.  इसी प्रक्रिया को 30 सेकंड तक करें और गिनें कि आप कितनी बार पूरी तरह से बिना सहारे के कुर्सी से खड़े हुए हैं. वैसे तो आमतौर पर ये टेस्ट बुजुर्गों के लिए किया जाता है, लेकिन आप भी आसानी से इससे अपनी क्षमता का पता लगा सकते हैं. 

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CDC के अनुसार 30 सेकंड के इस टेस्ट में औसत स्कोर इस हिसाब से हो सकता है

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20-24 साल : पुरुष 25, महिलाएं 23 बार

25 से 50 साल: पुरुष 21, महिलाएं 19

60-64 साल: पुरुष 14, महिलाएं 12 बार

65-69 साल: पुरुष 12, महिलाएं 11 बार

70-74 साल: पुरुष 12, महिलाएं 10 बार

75-79 साल: पुरुष 11, महिलाएं 10 बार

80-84 साल: पुरुष 10, महिलाएं 9 बार

85-89 साल: पुरुष और महिलाएं 8 बार

90-94 साल: पुरुष 7 और महिलाएं 4 बार

क्या कम स्कोर का मतलब आप बीमार हैं? 

इस बारे में आरएमएल अस्पताल में मेडिसिन विभाग में डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. सुभाष गिरि ने बताया है. वह कहते हैं कि इस तरह के टेस्ट से शरीर की ताकत और फिटनेस का अंदाजा लगता है, हालांकि ये किसी बीमारी के होने या न होने का कोई प्रमाण नहीं है. बस फिटनेस बता सकता है. आप कम स्कोर कर रहे हैं तो इसमें परेशान होने वाली बात नहीं है. बस ये ध्यान रखना है कि अपना लाइफस्टाइल अच्छा रखें और खानपान पर ध्यान दें. कोई बीमारी है तो डॉक्टर से सलाह लें. 

स्कोर कैसे बढ़ाएं 

अपना स्कोर बेहतर बनाने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप जितना हो सके एक्टिव और चलते-फिरते रहें. अगर चलना-फिरना मुश्किल हो, तो आप बैठकर की जाने वाली एक्सरसाइज से शुरुआत कर सकते हैं, जिनसे ताकत बढ़ाई जा सकती है. इसके बाद, आप हर एक या दो घंटे में लगभग पांच बार खड़े होने की कोशिश कर सकते हैं.अगर आप कर सकते हैं, तो बस अपने लिविंग रूम में टहलने और दिन में कम से कम तीन या चार बार सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने से भी फर्क पड़ सकता है.

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