बीते कुछ दिनों से देश के कई राज्यों में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं. मौसम में बदलाव और पानी जमा होने के कारण डेंगू जैसी बीमारी बढ़ रही है. वहीं, कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के कारण स्वाइन फ्लू के केस भी बढ़ रहे हैं. इस वजह से अस्पतालों की ओपीडी में इन दोनों बीमारियों के मामले अब ज्यादा आ रहे हैं. स्वाइन फ्लू और डेंगू दोनों में ही बुखार होता है, ऐसे में कैसे पता चले कि ये इनमें से किस बीमारी का लक्षण है? इस बारे में दिल्ली AIIMS में मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉ. नीरज निश्चल ने बताया है.
डॉ नीरज बताते हैं कि स्वाइन फ्लू और डेंगू दोनों में तेज बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी हो सकती है, इसलिए शुरुआत में अंतर करना मुश्किल हो सकता है, हालांकि स्वाइन फ्लू यानी इंफ्लूएंजा में आमतौर पर खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना और सांस से जुड़े लक्षण ज्यादा प्रमुख होते हैं. वहीं, डेंगू में तेज बुखार,बहुत ज्यादा बदन दर्द,सिरदर्द,आंखों के पीछे दर्द, मतली और कभी-कभी स्किन पर दाने हो सकते हैं, लेकिन केवल लक्षणों के आधार पर निश्चित डायग्नोज नहीं किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से जांच करानी चाहिए.
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इस बार स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामले बढ़ने की प्रमुख वजहें क्या हैं?
इस बारे में डॉ नीरज कहते हैं कि मौसम में बदलाव एक महत्वपूर्ण फैक्टर है. बारिश के बाद पानी जमा होने से एडीज मच्छरों की ब्रीडिंग बढ़ती है, जिससे डेंगू का ट्रांसमिशन बढ़ सकता है. दूसरी ओर तापमान और मौसम में बदलाव, लोगों का ज्यादा समय इंडौर मे बिताना और कम्यूनिटी ट्रांसमिशन जैसे कारण इन्फ्लूएंजा के प्रसार को प्रभावित कर सकते हैं, हालांकि इसके लिए किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है.
डॉ नीरज बताते हैं कि मौसम,मच्छरों की ब्रीडिंग,सभीड़भाड़,सांस से संबंधित इंफेक्शन का बढ़ना,कम्यूनिटी ट्रांसमिशन और व्यक्तिगत सावधानियों की कमी ये सभी चीजें मिलकर मामलों को प्रभावित करते हैं.
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डेंगू और स्वाइन फ्लू से बचने के लिए क्या करें
डॉ. नीरज कहते हैं कि डेंगू से बचाव के लिए सबसे महत्वपूर्ण है मच्छर को पनपने से रोकना. इसके लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें. कूलर, गमले, और छतों पर जमा पानी नियमित रूप से साफ करें. चूंकि एडीज मच्छर दिन में भी काटता है, इसलिए दिन के समय भी मच्छरों से बचाव जरूरी है.
इंफ्लूएंजा और दूसरी रेस्पिरेटरी इंफेक्शन से बचने के लिए हाथों की हाईजीन का ध्यान रखें. भोजन करने से पहले हाथ जरूर धोएं, खांसते और छींकते समय मुंह को कवर करें और अपने घर में वेंटिलेशन बनाए रखें. लोगों को सलाह है बार- बार आंख, नाक और मुंह को छूने से बचें. अगर किसी को बुखार या दूसरे लक्षण हैं तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. जरूरत पड़ने पर मास्क पहनना संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद करता है.