एक बेहोश महिला पुलिसकर्मी को उठाकर ले जाते कुछ पुलिसवालों का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हैं. कुछ लोगों का कहना है कि ये पुलिसकर्मी गर्भवती थीं और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के दौरान वो पत्थरबाजी का शिकार हो गईं जिससे उसके अजन्मे बच्चे की मौत हो गई.
पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोग लिख रहे हैं कि इस अनहोनी के लिए सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके जिम्मेदार हैं और उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए.
एक एक्स यूजर ने वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, "जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के बीच घायल हुई गर्भवती महिला पुलिस अधिकारी के अजन्मे बच्चे को नहीं बचाया जा सका."
ऐसे ही दो पोस्ट्स का आर्काइव्ड वर्जन यहां देखा जा सकता है.
लेकिन आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान चोटिल होने से इस महिला पुलिसकर्मी के अजन्मे बच्चे की मौत होने की बात पूरी तरह बेबुनियाद है. दिल्ली पुलिस ने भी इस दावे का खंडन करते हुए बताया है कि ये महिला अविवाहित है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वायरल फोटो को रिवर्स सर्च करने से हमें पता लगा कि इसे कर्नाटक की न्यूज वेबसाइट उदयवाणी ने 20 जुलाई को छापा था. कॉकरोच जनता पार्टी का संसद मार्च भी इसी दिन था. उदयवाणी ने फोटो का क्रेडिट न्यूज एजेंसी पीटीआई को दिया था. वायरल वीडियो की तुलना इस वीडियो से करने पर ये बात स्पष्ट हो जाती है कि इनमें दिख रही महिला पुलिसकर्मी एक ही है. एक दूसरी महिला पुलिसकर्मी जो उसे उठाकर ले जा रही है, उसके हेयर क्लचर का डिजाइन और उसकी मदद करते एक पुलिसवाले के हाथ में बंधा धागा-- ये वायरल तस्वीर और वीडियो दोनों में नजर आ रहे हैं. साथ ही, बेहोश महिला पुलिसकर्मी के चेहरे की तुलना करने से भी ये बात साफ हो जाती है.
इस बारे में कीवर्ड सर्च करने से हमें दिल्ली पुलिस का 24 जुलाई, 2026 का एक एक्स पोस्ट मिला. इसमें बताया गया है कि ये पुलिसकर्मी, जंतर मंतर में भगदड़ जैसी स्थिति की वजह से बेहोश हो गई थी. न तो उसकी शादी हुई है और न ही वो गर्भवती थी. वर्तमान में उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है.
Official Clarification
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 24, 2026
Claims circulating on social media alleging that a woman police officer lost her unborn child during the Jantar Mantar protest are completely false and misleading.
The viral photographs were taken after the officer sustained injuries in a stampede-like… pic.twitter.com/B4s2DJ00Qt
साफ है, दिल्ली की एक महिला पुलिसकर्मी के बारे में भ्रम फैलाया जा रहा है कि सीजेपी के प्रदर्शन में घायल होने की वजह से उसके अजन्मे बच्चे की जान चली गई.