सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके के एक कथित इंटरव्यू का हिस्सा सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है जिसमें आजतक के पत्रकार साहिल जोशी की तस्वीर लगी है. पोस्ट का लब्बोलुआब ये है कि जब साहिल जोशी ने दीपके की बोस्टन डिग्री के बारे में सवाल पूछा और उन्हें घेरा तो वो बगलें झांकने लगे.
इसी तरह, एक और इंटरव्यू सोशल मीडिया पर खूब चल रहा है, जिसमें एक पत्रकार दीपके से बंगलुरु में एक स्कूल की छत गिरने से 8 बच्चों के घायल होने को लेकर सवाल पूछती है. पोस्ट के मुताबिक, दीपके इसके जवाब में कहते हैं कि सिर्फ आठ बच्चों के घायल होने भर से हम सबका इस्तीफा तो नहीं मांग सकते.

ये दोनों ही पोस्ट एक्स से लेकर फेसबुक तक, हर जगह हजारों लोग शेयर कर चुके हैं. अगर आप इनका कमेंट सेक्शन खंगालें तो पाएंगे कि बहुतेरे लोग इस कथित इंटरव्यू को असली मानकर अभिजीत दीपके और सीजेपी पर तंज कस रहे हैं. लेकिन असल में ये दोनों ही पोस्ट पूरी तरह फर्जी हैं. ऐसा कोई इंटरव्यू हुआ ही नहीं है. दूसरे वाले पोस्ट में तो पत्रकार की जो तस्वीर लगी है, वो भी AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी है.

आजतक फैक्ट चेक को ऐसे कई पोस्ट मिले जिनमें इसी तरह के मनगढ़ंत इंटरव्यू के जरिये कॉकरोच जनता पार्टी को निशाना बनाने की कोशिश की गई है. दिखाया जा रहा है कि इन इंटरव्यूज में सीजेपी के सदस्य 'एक्सपोज' हो गए.
फर्जी डायलॉग, झूठी कहानी
इन सभी पोस्ट में पत्रकारों और सीजेपी सदस्यों की बातचीत ऐसे लिखी है जिससे ऐसा लगे कि ये किसी असली इंटरव्यू का हिस्सा है. साथ ही, सीजेपी सदस्य और पत्रकार की फोटो भी लगी है. इन पोस्ट में से कुछ तस्वीरें एआई से बनी हैं, कुछ ऐसे लोगों की हैं जिन्होंने कभी किसी सीजेपी सदस्य से बात ही नहीं की, और कुछ ऐसे पत्रकारों की हैं जिन्होंने दीपके या सौरव दास का इंटरव्यू तो लिया है, लेकिन पोस्ट में जो बात लिखी है, वो असली इंटरव्यू में हुई ही नहीं.
जैसे, इस पोस्ट को ही ले लीजिये. इसमें सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास और इंडियन एक्सप्रेस की एक पत्रकार के बीच हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट लगा है. पोस्ट के मुताबिक, इस इंटरव्यू में सौरव दास ने कहा कि ब्रिक्स समिट का आयोजन कोई बड़ी बात नहीं है क्योंकि यूएस और यूरोप ब्रिक्स का हिस्सा नहीं हैं. लेकिन असल में, अगर आप इंडियन एक्सप्रेस के यूट्यूब चैनल पर मौजूद सौरव दास का ये इंटरव्यू देखें, तो आप पाएंगे कि इसमें कहीं भी वायरल पोस्ट वाले बात नहीं है. इसमें ब्रिक्स का जिक्र तक नहीं है.
इसी तरह, एक अन्य पोस्ट में दावा किया गया है कि एक स्कूली बच्ची ने अभिजीत दीपके को उनके “बोस्टन डिग्री” वाले दावे पर पूरी तरह फंसा दिया. पोस्ट के मुताबिक, जब बच्ची ने दीपके से बोस्टन में पढ़ाई के लिए एडमिशन की प्रक्रिया और एप्लीकेशन से संबंधित सवाल पूछे, तो उन्हें पसीना छूट गया. वो अपने कॉलेज का नाम, बैच या एडमिशन प्रोसेस के बारे में कुछ भी नहीं बता पाए.
हमने जब इस पोस्ट में मौजूद बच्ची की फोटो को रिवर्स सर्च किया तो पता लगा कि ये पूर्वी द्विवेदी नामक छात्रा के मॉक इंटरव्यू के वीडियो से ली गई है. इसमें उदयपुर, राजस्थान के एक शिक्षक डॉ. अरविंद सिंह पेमावत, पूर्वी से सवाल पूछ रहे हैं. हमने डॉ. अरविंद से इस बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि उन्हें पूर्वी के अभिजीत दीपके के साथ हुई बातचीत की कोई जानकारी नहीं है. हमें पूर्वी और अभिजीत के बीच हुई बातचीत का कोई वीडियो नहीं मिला.

इससे पहले अगस्त में 'द पैम्फलेट' की पत्रकार श्रेया अरोड़ा के नाम पर भी वाले ऐसे ही पोस्ट वायरल हुए थे जिनमें कहा गया था कि उन्होंने अभिजीत दीपके से इतने खतरनाक सवाल पूछे कि उनके पसीने छूट गए. उस वक्त भी हमने इसकी सच्चाई बताई थी. तब श्रेया ने भी सोशल मीडिया के जरिये स्पष्टीकरण दिया था कि उन्होंने अभी तक अभिजीत दीपके का इंटरव्यू नहीं लिया है.
वीडियो में दिख रहे पत्रकार क्या बोले?
'पीक टीवी' की को-फाउंडर प्रियांशी शर्मा के साथ अभिजीत दीपके के इंटरव्यू का एक अंश भी वायरल है , जिसके अनुसार झारखंड में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े सवालों पर दीपके निरुत्तर हो गए. लेकिन जब हमने 'पीक टीवी' के यूट्यूब चैनल पर मौजूद असली इंटरव्यू देखा तो हमने पाया कि इसमें वायरल पोस्ट वाले बातचीत कहीं नहीं है. प्रियांशी ने भी आजतक फैक्टचेक को यही बताया कि उन्होंने अभिजीत का इंटरव्यू तो लिया था लेकिन उनसे ऐसी कोई बात नहीं हुई है.

हमने इस तरह के वायरल पोस्ट सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास को भी भेजे. उनका कहना था कि ये पूरी तरह फर्जी हैं.
विदेशी पत्रकारों का एंगल
इसी कड़ी में कुछ ऐसे पोस्ट भी वायरल हैं जिनके जरिये दावा किया जा रहा है कि अब विदेशी पत्रकार भी सीजेपी का कच्चा-चिट्ठा खोल रहे हैं. ऐसे ही एक पोस्ट में सीएनएन की पत्रकार Christiane Amanpour की तस्वीर लगी है. पोस्ट के मुताबिक, दीपके ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि भारत में ब्रिक्स समिट जैसे बड़े इवेंट का आयोजन पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और पूर्व दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की वजह से हो पाया क्योंकि इन दोनों की ही वजह से ही देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई. हमने सीएनएन के यूट्यूब चैनल पर मौजूद असली इंटरव्यू देखा तो पाया कि इसमें कहीं ब्रिक्स समिट का जिक्र नहीं है. इसमें सिर्फ सीजेपी की मुहिम, पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के बारे में बातचीत है.

कौन से अकाउंट कर रहे हैं ऐसे पोस्ट?
हमने देखा कि '@PracticalSpy' नाम के एक्स अकाउंट ने इस तरह के बहुत सारे पोस्ट शेयर किए हैं. ये सारे पोस्ट हिंदी में हैं. इसी अकाउंट के सीजेपी से संबंधित कई वायरल पोस्ट में '@BJP_4U' नाम के अकाउंट से सीजेपी की आलोचना वाले कमेंट किए गए हैं. इसी तरह, अंग्रेजी में इस तरह के पोस्ट '@Abhishek060722' और '@MostlyKohli' नाम के अकाउंट्स से किए गए हैं. वहीं, गौतम यादव नाम से बने एक फेसबुक पेज से भी इस तरह के कई पोस्ट किए गए हैं.

साफ है, इंटरव्यू में सीजेपी सदस्यों की बेइज्जती बताकर कई सारे फर्जी पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं.