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फैक्ट चेक: पाकिस्तान का 6 साल पुराना वीडियो कश्मीर के नाम पर वायरल

कश्मीर में जब से केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 पर फैसला किया है, तब से ही अलग-अलग फर्जी खबरों की बाढ़ आ गई है. आए दिन सोशल मीडिया पर वहां के बारे में ऐसे वीडियो साझा किए जा रहे हैं, जो दरअसल वहां के हैं ही नहीं.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
कश्मीर में लोगों के हालात का वीडियो.
फेसबुक यूजर Naseem Ashraf
सच्चाई
वायरल वीडियो पाकिस्तान के फैसलाबाद का है और करीब छह साल पुराना है.

कश्मीर के ताजा हालात को लेकर सोशल मीडिया पर फर्जी पोस्ट का सिलसिला जारी है. कुछ लोग पुराने वीडियो और तस्वीरों को भी कश्मीर से जोड़ कर  शेयर कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर एक एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस घर में घुसकर लोगों को खदेड़ती दिख रही है. वीडियो के साथ दावे में लिखा जा रहा है "गोदी मीडिया ये दिखाने में लगा है कि कश्मीर में लोग अमन से हैं."

साफ है कि ऐसा दिखाने की कोशिश की जा रही है कि यह वीडियो कश्मीर से है.

इंडिया टुडे के एंटी फेक न्यूज वॉर रूम (AFWA) ने पड़ताल में पाया कि वायरल हो रहा वीडियो कश्मीर से नहीं बल्कि पाकिस्तान के फैसलाबाद शहर का है. यह वीडियो जून 2013 में शूट किया गया था.

पोस्ट का यहां देखा जा सकता है.

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फेसबुक यूजर " "  और "Md Husen Belim" ने इस वीडियो को शेयर किया जिसे खबर लिखे जाने तक 10,000 से ज्यादा बार तक शेयर किया जा चुका था.

करीब 30 सेकंड लंबे इस वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी जबरन एक घर में घुस कर घरवालों को खदेड़ते हुए नजर आते हैं. लोग इस वीडियो को कश्मीर का समझकर साझा कर रहे हैं.

कुछ महीने पहले भी यह वीडियो सोशल मीडिया पर छाया हुआ था. उस समय दावा किया जा रहा था कि वीडियो पाकिस्तान का है, जहां पुलिस हिंदुओं को घर में घुस कर मार रही है.

"आजतक" ने इस दावे की पोल खोलते हुए बताया था कि वायरल वीडियो पाकिस्तान के फैसलाबाद का है. 11 जून 2013 को खुर्रियंवला टाउन इलाके में बिजली की बेतहाशा कटौती को लेकर लोग सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

इस दौरान लोगों ने गाड़ियों और पेट्रोल पंप तक फूंक डाले, जिसके जवाब में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लोगों को घरों में घुस-घुस कर मारा था.

पड़ताल में साफ हुआ कि वायरल वीडियो कश्मीर का नहीं बल्कि पाकिस्तान का है और करीब छह साल पुराना है.

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सच जानने के लिए उसे हमारे नंबर 73 7000 7000 पर भेजें.
आप हमें factcheck@intoday.com पर ईमेल भी कर सकते हैं
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