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फैक्ट चेक: बरेली हिंसा को लेकर हुई पुलिस कार्रवाई की नहीं है ये वायरल फोटो 

बरेली में हाल में हुई हिंसा से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है. इसे लेकर दावा किया जा रहा है कि फोटो में दिखने वाला मुस्लिम शख्स हिंसा में शामिल था जिस कारण यूपी पुलिस ने इसका ये हाल किया. आजतक ने इस वायरल तस्वीर का फैक्ट चेक किया है.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
ये मुस्लिम शख्स बरेली में हुई हिंसा में शामिल था जिस कारण यूपी पुलिस ने इसका ये हाल किया.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
इस फोटो का बरेली हिंसा से कोई संबंध नहीं है. ये 2023 की उत्तरकाशी की फोटो है जहां एक दलित को मंदिर में प्रवेश करने पर पीटा गया था.

बरेली में हुई हालिया हिंसा के संदर्भ में सोशल मीडिया पर एक विचलित कर देने वाली वायरल हो रही है. फोटो में अस्पताल के बेड पर एक जख्मी युवक को देखा जा सकता है जिसकी पीठ पर चोट के निशान हैं और कूल्हों पर पट्टी बंधी है. 

फोटो के साथ दावा किया जा रहा है कि ये मुस्लिम शख्स बरेली में हुई हिंसा में शामिल था जिस कारण यूपी पुलिस ने इसका ये हाल कर दिया. 

Fact Check 1st

एक यूजर ने फोटो के साथ लिखा, “बरेली के बाजार में दंगा करने वाले. डेंटिंग -पेंटिंग credit-  यूपी पुलिस”. फेसबुक पर भी ये है.  

दरअसल, ‘आई लव मोहम्मद’ पर छिड़ा विवाद 26 सितंबर को हिंसक हो गया जब यूपी के बरेली में जुमे की नमाज के बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई. के मुताबिक, नमाज के बाद लोग 'आई लव मोहम्मद' के पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर आए. जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शन हिंसक हो गया और शुरू हो गई. कार्रवाई में पुलिस ने लाठीचार्ज किया.

बवाल में फायरिंग होने की भी खबरें आई हैं. प्रशासन का कहना है कि इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी. मामले में अभी तक इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल प्रमुख मौलाना तौकीर समेत 49 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. 

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि इस फोटो का बरेली हिंसा से कोई संबंध नहीं है. ये 2023 की उत्तरकाशी की फोटो है जहां एक दलित को मंदिर में प्रवेश करने पर पीटा गया था. 

कैसे पता की सच्चाई?

फोटो को गूगल लेंस की मदद से सर्च करने पर ये हमें जनवरी के एक में मिली. इतनी बात यहीं साफ हो गई कि फोटो पुरानी है. फेसबुक पोस्ट में वायरल फोटो के साथ अखबार में छपी एक खबर की कटिंग भी मौजूद है. 12 जनवरी, 2023 की इस खबर के मुताबिक, उत्तरकाशी में मंदिर जाने पर अनुसूचित जाति के युवक को रात भर जलती लकड़ी से पीटा गया था. 

हमने इस खबर के बारे में सर्च किया. हमें जनवरी 2023 के इस मामले को लेकर किए गए  मिले जिनमें वायरल फोटो सहित जख्मी युवक की एक अन्य को भी शेयर किया गया था. इस फोटो में आदमी की शक्ल दिख रही है. 

Fact Check 2nd

ये मामला उस समय काफी चर्चा में आया था. अमर उजाला की 13 जनवरी, 2023 की एक में बताया गया है कि उत्तरकाशी के मोरी विकास खंड के सालरा गांव से एक जातीय हिंसा का मामला सामने आया था. यहां आयुष (22) नाम के एक दलित ने पांच सवर्णों पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था. 

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Fact Check 3rd

आरोप था कि एक मंदिर में प्रवेश करने पर उसे रात भर जलती लकड़ी से पीटा गया. आयुष बुरी तरह जख्मी हो गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था. 

बीबीसी की के मुताबिक, सालरा के गांववालों का कहना था कि बैनोल गांव के रहने वाले आयुष ने मंदिर में घुसकर संदूक और अन्य सामग्रियों को नुकसान पहुंचाया था जिस कारण उसकी पिटाई हुई. उस समय ये मामला मीडिया से सोशल मीडिया तक छा गया था. 

यहां ये स्पष्ट हो जाता है कि दो साल से ज्यादा पुरानी फोटो को बरेली में हुई पुलिस कार्रवाई से जोड़ा जा रहा है. 

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