
सोशल मीडिया पर इन दिनों ‘दैनिक जागरण’ के नाम से एक कथित न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है. इस ‘रिपोर्ट’ में लिखा है कि राहुल गांधी ने देश में अराजकता फैलाने के लिए चीन और अमेरिका से कुल 17 करोड़ रुपये लिए हैं.
वायरल हो रही इस ‘रिपोर्ट’ की हेडलाइन में लिखा है, “राहुल गांधी ने चीन से 12 करोड़ और अमेरिका से 5 करोड़ लिए.” साथ ही लिखा है कि देश में हंगामा और दंगा कराने के लिए उन्होंने ये विदेशी फंडिंग ली है.

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि दैनिक जागरण ने ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं छापी है. वायरल हो रही रिपोर्ट AI के जरिए बनाई गई है.
कैसे पता की सच्चाई?
कीवर्ड के जरिए सर्च करने पर हमें दैनिक जागरण या किसी अन्य मीडिया संस्थान की ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें राहुल गांधी को फंडिंग मिलने का जिक्र हो. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है ये रिपोर्ट सही नहीं है.
इस कथित रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट में खबर की तारीख 17 सितंबर, 2026 लिखी हुई है. हमने दैनिक जागरण के ई-पेपर वर्जन को देखा और 17 सितंबर के सभी संस्करणों को खंगाला, लेकिन दैनिक जागरण ने राहुल गांधी को लेकर ऐसी कोई खबर नहीं छापी थी.
इसके बाद हमने वायरल रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट को OpenAI के वेरिफाई टूल के जरिए टेस्ट किया. टूल ने साफ बताया कि ये रिपोर्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के मदद से बनाई गई है. इससे साफ हो जाता है कि दैनिक जागरण के नाम से वायरल हो रही ये रिपोर्ट फर्जी है.

हालांकि, इसी साल मई में बीजेपी ने राहुल गांधी के विदेशी दौरों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे और पूछा था कि 11 करोड़ रुपये की घोषित आय वाला व्यक्ति बीते 22 वर्षों में अपनी विदेश यात्राओं पर 60 करोड़ रुपये कैसे खर्च कर सकता है.
लेकिन अभी तक राहुल गांधी के चीन या अमेरिका से किसी भी तरह के आर्थिक लेनदेन की कोई पुख्ता खबर सामने नहीं आई है.