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फैक्ट चेक: पीयूष गोयल ने नहीं कही कॉकरोचों को सरेआम लटकाने की बात, ये डीपफेक वीडियो है

'जंतर मंतर 2.0' के संदर्भ में वायरल हो रहा ये वीडियो जुलाई 2026 में CJP के प्रदर्शन के दौरान भी खूब शेयर हुआ था. उस वक्त पीयूष गोयल ने इसच संबंध में FIR दर्ज कराई थी.

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आजतक फैक्ट चेक

दावा
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कॉकरोचों को सरेआम लटका कर मिसाल कायम करनी चाहिए.
सोशल मीडिया यूजर्स
सच्चाई
ये एक डीपफेक वीडियो है. पीयूष गोयल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली में होने वाले प्रदर्शन से ठीक पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का एक विवादित वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें वो कहते दिख रहे हैं कि कुछ कॉकरोचों को सरेआम लटका देना चाहिए ताकि उनके साथी उनके अंजाम से सबक ले सकें.

इसमें पीयूष गोयल कहते दिख रहे हैं, "जब ये लोग अपने दो-तीन कॉकरोचों को इस तरह लटकते हुए देखेंगे, तो इनका सारा हुड़दंग शांत हो जाएगा. हमें दो-तीन कॉकरोचों को सरेआम लटका देना चाहिए. ताकि इस कॉकरोच जनता पार्टी को असलियत का अंदाजा हो जाए कि हमारी ताकत क्या है और हम किस हद तक जा सकते हैं. ये खुद ही अपना प्रदर्शन खत्म करके दुम दबाकर भाग जाएंगे."

एक फेसबुक यूजर ने इस वीडियो को पोस्ट करते हुए लिखा, "कॉकरोच को उल्टा लटका दो. BJP के नेता का बयान"
 

कई क्रिएटर इस वीडियो को '#BreakingNews' जैसे हैशटैग्स के साथ शेयर कर रहे हैं.  

वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई लोग पीयूष गोयल के प्रति गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. मिसाल के तौर पर, एक व्यक्ति ने लिखा, 'ये सत्ता का घमंड बोल रहा है'.

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आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये एक डीपफेक वीडियो है. पीयूष गोयल ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है.  

कैसे पता चली सच्चाई?  

वायरल वीडियो के कीफेम्स को रिवर्स सर्च करने से हमें पीटीआई का 23 जुलाई, 2026 का पोस्ट मिला. इसी पोस्ट के वीडियो में पीयूष गोयल नीट परीक्षा में गड़बड़ी के मुद्दे पर बात करते दिखते हैं. वो कहते हैं कि पीएम मोदी ने कहा है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बना कर दोषियों को सजा दी जाएगी. साथ ही, वो विपक्षी पार्टियों से अनुरोध करते हैं कि इस मामले पर राजनीति न करें.

जाहिर है, इस वीडियो में छेड़छाड़ करके नकली ऑडियो जोड़ा गया है और पीयूष गोयल को कॉकरोचों को लटकाने की बात कहते दिखाया गया है.

Nvidea के सिंथेटिक वीडियो डिटेक्टर और Hiya के डीपफेक वॉइस डिटेक्टर ने भी इस वीडियो के AI जेनरेटेड होने की संभावना जताई.

ये वीडियो जब जुलाई 2026 में वायरल हुआ था, तो खुद पीयूष गोयल ने इसे लेकर स्पष्टीकरण जारी किया था. उन्होंने लिखा था कि इस संबंध में उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई है.  

साफ है, पीयूष गोयल के डीपफेक वीडियो के जरिये भ्रम फैलाया जा रहा है.  

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