करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज शेखावत ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि जो पुलिसकर्मी बिश्नोई का एनकाउंटर करेगा, करणी सेना उसे 1 करोड़ 11 लाख 11 हजार 111 रुपए का इनाम देगी. दिसंबर 2023 में करणी सेना नेता की गोली मारकर हत्या हुई थी. पुलिस का कहना था कि इस हत्या की जिम्मेदारी रोहित गोदारा गैंग ने ली है. गोदारा गैंग और लॉरेंस विश्नोई गैंग के आपस में संबंध बताए जाते हैं.
करणी सेना की घोषणा के बाद अब सोशल मीडिया पर राज शेखावत का एक वायरल हो रहा है. वीडियो के साथ दावा है कि बिश्नोई के एनकाउंटर के बदले इनाम घोषित करने की वजह से नाराज लोगों ने के साथ मारपीट की.
वीडियो में कुछ लोग उन्हें जबरदस्ती एक कार में बैठाने की कोशिश कर रहे हैं. इस के बीच शेखावत की पगड़ी तक उतरती हुई दिख रही है.
फेसबुक पर ये शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “करणी सेना के अध्यक्ष राजशेखर जी के रुझान आने शुरू हो गए हैं. लगता है जल्द ही एक करोड रुपए मिलने वाले हैं. लॉरेंस बिश्नोई करणी सेना ओर सुखदेव सिंह गोगामेडी वालों, फिलहाल देखिए.”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो अप्रैल 2024 का है, जब गुजरात में बीजेपी मुख्यालय का घेराव करने जा रहे राज शेखावत को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स सर्च करने पर हमें ये 9 अप्रैल, 2024 के एक में मिला. यहां बताया गया है कि बीजेपी मुख्यालय जा रहे करणी सेना नेता राज शेखावत को पुलिस ने हिरासत में ले लिया. शेखावत, बीजेपी नेता परषोत्तम रूपाला के राजपूतों के बारे में दिए गए विवादित बयान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे.
JUST IN: Gujarat Karni Sena leader Raj Shekhawat detained by Police ahead of his visit to the state BJP headquarters. He is one of the leaders spearheading protests against union minister Parshottam Rupala for his controversial remarks about the Rajputs.
— Mahesh Langa (@LangaMahesh)
हमें इस बारे में भी मिलीं. इनके मुताबिक, 9 अप्रैल, 2024 को राज शेखावत, गांधीनगर में बीजेपी मुख्यालय का घेराव करने जा रहे थे. लेकिन, जैसे ही शेखावत अहमदाबाद हवाई अड्डे पर पहुंचे, गुजरात पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया.
दरअसल, ये सारा विवाद उस वक्त केन्द्रीय मंत्री रहे परषोत्तम रूपाला के एक बयान के बाद शुरू हुआ था. रूपाला ने 22 मार्च को एक सभा में कहा था कि जब अंग्रेज हम पर राज कर रहे थे तब तत्कालीन महाराजाओं ने विदेशी शासकों के सामने अपने घुटने टेक दिए और अपनी बेटियों की शादी भी उनसे करा दी. इस बयान की निंदा करते हुए राजपूत समुदाय ने बीजेपी सरकार से मांग की थी कि रूपाला का लोकसभा टिकट वापिस लिया जाए. विवाद के बाद , लेकिन विरोध प्रदर्शन नहीं थमा.
यहां तक कि इस बयान से आक्रोशित राजपूत समाज की महिलाओं ने जौहर (आत्महत्या) करने तक की दे दी थी. इसी कड़ी में 9 अप्रैल को राज शेखावत ने बीजेपी मुख्यालय का घेराव करने का आह्वान किया था.
साफ है, राज शेखावत के महीनों पुराने वीडियो को अभी चल रहे लॉरेंस बिश्नोई विवाद से जोड़कर पेश किया जा रहा है.