
छह पुलिसवाले, सबके हाथ में बंदूकें और उनके सामने खड़ा एक शख्स! अचानक 'धांय' से गोली चलने की आवाज आती है. वो शख्स कहता है, 'ये देखिये, मारो, मारो, मारो... मार दीजिये... मेरा ये बलिदान जाया नहीं जाएगा. देशभक्त लोग डरते हैं क्या गोलियों से?' ये आवाज है भोजपुर, बिहार के भरत भूषण तिवारी की, जिनकी 17 जून को एक कथित पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई थी.
भरत तिवारी के 'एनकाउंटर के इस लाइव वीडियो' को 1 करोड़ 20 लाख से बार से ज्यादा देखा जा चुका है और ये संख्या लगातार बढ़ रही है.
क्योंकि देखने वाले ज्यादातर लोगों को शायद इस बात का अंदाजा नहीं कि जिस वीडियो को वो असली एंकाउटर मानकर देख और शेयर कर रहे हैं वो नकली है. नकली, यानी स्क्रिप्टेड वीडियो.
इस वीडियो में भरत तिवारी की आवाज के अलावा कुछ भी असली नहीं है. ये आवाज भरत के ही एक लाइव वीडियो से ली गई है. इस स्क्रिप्टेड वीडियो को ‘जुगाड़ू बाबा’ नाम के कंटेंट क्रिएटर की टीम ने बनाया है. लेकिन भरत तिवारी के नाम पर अपने जुगाड़ू कंटेंट की दुकान चमकाने वाले वो अकेले नहीं हैं.
भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर इस तरह के वीडियोज की बाढ़ सी आ गई है. इन्हें बनाने वालों का मकसद सिर्फ एक है- इस मामले में लोगों की उत्सुकता को भुनाते हुए अपनी रीच और इंगेजमेंट बढ़ाना.
ऐसे ही एक और वीडियो में भरत तिवारी बना हुआ एक्टर छत पर खड़ा होकर नीचे मौजूद पुलिसवालों की ओर बंदूक तान देता है. एक महिला भरत की मां के लुक में उसके साथ खड़ी नजर आती है. इस वीडियो को 90 लाख से भी ज्यादा बार देखा जा चुका है.
पेज को रॉकेट बनाने का जुगाड़
हमें ऐसे कई पेज और अकाउंट मिले जिनके व्यूज, भरत तिवारी मामले पर वीडियो बनाते ही तेजी से बढ़ गए. जैसे, ‘मिस्टर जुगाड़ू’ नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट ने भरत तिवारी एनकाउंटर से जुड़ा जो वीडियो बनाया, उस पर उसे 12 मिलियन व्यूज मिले. इस अकाउंट के पिछले 60 वीडियोज को सिर्फ कुछ हजार लोगों ने देखा था. उनमें से एक भी वीडियो ऐसा नहीं था जिस पर 1 मिलियन व्यूज भी आए हों. यहां एक जरूरी बात ये भी है कि इनमें से कुछ फेसबुक पेज 'सबस्क्राइबर्स हब' फीचर के जरिये पैसा भी कमाते हैं. मुमकिन है कि इतने व्यूज बढ़ने पर उनके कुछ सबस्क्राइबर भी बढ़े होंगे जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी.

एनकाउंटर चालीसा
इस घटना की आड़ में लाइक्स और व्यूज बटोरने के मामले में भोजपुरी गायक भी पीछे नहीं रहे. हमें इस मामले से जुड़े कम से कम 12 गाने मिले. हिमांशु राहुल नाम के एक क्रिएटर ने तो ‘एनकाउंटर चालीसा’ तक बना दी. इसी तरह, ‘दीवाना म्यूजिक एंटरटेनमेंट’ नाम के एक यूट्यूब चैनल ने ‘भोजपुर कांड’ पर करीब 1 घंटे का भोजपुरी बिरहा बना दिया गया. तो एक और क्रिएटर ने वीर रस से सराबोर बुंदेलखंडी आल्हा गीत बना डाला.

झूठी कहानी
एक्टिंग और गानों के जरिये ही नहीं, झूठ के सहारे भी इस मामले पर लोगों के गुस्से और जिज्ञासा को खूब भुनाया जा रहा है. बीते कुछ दिनों में, भरत के आखिरी पलों का, उनके अंतिम संस्कार का या एनकाउंटर का बताकर ऐसे तमाम वीडियो वायरल हुए, जो किसी दूसरी घटना के निकले. फैक्ट चेकिंग वेबसाइट्स ने ऐसे दर्जनों विडियोज को फैक्ट-चेक किया, जिनका भरत तिवारी मामले से कोई-देना नहीं था लेकिन फिर भी इसी से जोड़ कर शेयर किए जा रहे थे.
भरत तिवारी खुद को एक सोशल वर्कर की भूमिका में देखता था. उसे फेसबुक लाइव करने का जबरदस्त शौक था और वो मरते दम तक भी वीडियो बनाता रहा. वो चाहता था कि उसका जीवन, और मरने के बाद उसका शरीर भी समाज के काम आए. उसकी ये इच्छा तो पूरी नहीं हो सकी. उसकी जिन्दगी और फेसबुक लाइव का तो दर्दनाक अंत हुआ. लेकिन कटेंट क्रिएटर्स के वीडियोज में भरत अभी न सिर्फ जिंदा है बल्कि लाइक्स और व्यूज बढ़ाने में उनकी मदद भी कर रहा है.