भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. अधिवक्ता विशाल तिवारी ने इस मामले को लेकर एक जनहित याचिका दायर की है, और इस केस में सीबीआई जांच की माग की है.
इस बीच भरत तिवारी के एनकाउंटर का बताकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें कुछ पुलिसवाले एक व्यक्ति के हाथ-पैर पकड़कर उसे ले जाते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो के ऊपर लिखा है - “भरत तिवारी एनकाउंटर लाइव वीडियो”
वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि उस समय गोली नहीं मारी गई थी. इससे घटना को लेकर कई गंभीर सवाल उठते हैं और निष्पक्ष जांच की आवश्यकता है. ये भ्रष्ट और घूसखोर पुलिसकर्मी सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहे हैं. शहीद भरत तिवारी”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो यूपी के महाराजगंज का है. इसमें दिख रहा व्यक्ति बजरंग दल का कार्यकर्ता है, जो गायों की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहा था.
कैसे पता की सच्चाई?
वीडियो पर “देहाती न्यूज इंडिया” का लोगो नजर आ रहा है. हमें इसके फेसबुक पेज पर ये वीडियो मिल गया. यहां इसे 21 जून को पोस्ट किया गया था. पोस्ट के कैप्शन के मुताबिक, ये वीडियो यूपी के महाराजगंज जनपद का है.
पोस्ट के मुताबिक, ये वीडियो बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का है. ये कार्यकर्ता मदनपुरा गौशाला में गायों की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई.
हमने “देहाती न्यूज इंडिया” से संपर्क किया. हमारी बात शिवम मिश्रा से हुई. शिवम ने बताया कि ये वीडियो महाराजगंज जनपद का ही है, और उन्होंने खुद रिकॉर्ड किया था. उन्होंने बताया कि गौशाला में गायों की मौत के विरोध में बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे. वीडियो में पुलिसवाले ऐसे ही एक कार्यकर्ता को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं.
इस चैनल ने इस प्रदर्शन से संबधित और भी वीडियो पोस्ट किए हैं. ऐसे ही एक वीडियो में वो लड़का आपबीती सुनाता हुआ नजर आ रहा है, जिसे पुलिसवाले पकड़कर ले जा रहे थे. इस घटना के बारे में दैनिक भास्कर समेत कई न्यूज आउटलेट्स की खबरें भी मौजूद हैं.
जाहिर है, इस वीडियो का भरत तिवारी मामले से कोई लेना-देना नहीं है.