
मोकामा विधायक और जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) नेता अनंत सिंह का एक वीडियो इन दिनों काफी वायरल हो रहा है. इसे शेयर करते हुए कई लोग लिख रहे हैं कि उन्होंने अपनी ही गठबंधन सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
वीडियो में एक रिपोर्टर अनंत सिंह से कहता है कि मुकाबले में एक तरफ राहुल गांधी हैं, और दूसरी तरफ नरेंद्र मोदी. इस पर वह जवाब देते हैं कि लोग राहुल गांधी को वोट देकर प्रधानमंत्री बनाएंगे और देखेंगे कि वो क्या करते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी से लोग ऊब चुके हैं.
वीडियो को एक्स पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा, “JDU के बाहुबली विधायक अनंत सिंह अपने ही सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल देते है. पत्रकार - एक तरफ मोदी एक तरफ राहुल गांधी है! अनंत सिंह- राहुल गांधी को ही सब लोग देखेगा अब. नरेंद्र मोदी से सब ऊब गया है, ये व्यापारी है!”

आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं, बल्कि जनवरी 2019 का है. उस वक्त वो किसी भी पार्टी के साथ नहीं थे.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
वीडियो में अनंत सिंह से बात कर रहे रिपोर्टर के माइक पर ‘News 4 Nation’ लिखा हुआ दिखाई देता है. इस जानकारी के साथ सर्च करने पर हमें ये यूट्यूब चैनल मिल गया.
इस चैनल पर वायरल वीडियो का लंबा वर्जन मौजूद है. यहां इसे 31 जनवरी, 2019 को अपलोड किया गया था. इतनी बात तो यहीं साफ हो जाती है कि ये वीडियो हाल-फिलहाल का नहीं है. उस वक्त अनंत सिंह किसी भी पार्टी के साथ नहीं जुड़े थे. वो निर्दलीय विधायक थे.
2020 में अनंत सिंह ने आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) के टिकट पर मोकामा से विधानसभा चुनाव लड़ा. इसके बाद अक्टूबर 2025 में वो जेडीयू में शामिल हो गए और वर्तमान में इसी पार्टी में हैं.
हाल ही में अनंत सिंह ने 23 अक्टूबर, 2026 को होने वाले बिहार MLC चुनाव में जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को अपना समर्थन दिया है. उन्होंने अनुज सिंह के लिए ‘आशीर्वाद यात्रा’ भी निकाली थी. इस पर प्रशांत किशोर की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा, “दूसरी पार्टी का कोई इंसान क्या करता है, इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है. हम सिर्फ अपनी पार्टी के प्रति जवाबदेह हैं.”
हालांकि 2025 में इसी जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन कर रहे बाहुबली नेता दुलारचंद यादव की हत्या के आरोप में वो जेल भी जा चुके हैं. विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के समर्थकों का काफिला आमने-सामने आ गया था. इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी और इसमें दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी. इसका आरोप अनंत सिंह पर लगा था और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था. मार्च 2026 में उन्हें इस मामले में जमानत मिली (थी और वो बाहर आ गए थे.
कुल मिलाकर साफ है कि अनंत सिंह के पुराने वीडियो को अभी का बताकर झूठ फैलाया जा रहा है.