मोदी सरकार 2.0 के एक साल पूरे होने पर e-एजेंडा आजतक के मंच नितिन गडकरी ने सवालों के बेबाकी से जवाब दिए. उन्होंने केंद्र सरकार और अपनी उपलब्धियां गिनाईं, तो महाराष्ट्र की सियासी उठापटक से जुड़े सवालों के भी बेबाकी से जवाब दिए.
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि हर सरकार अपने हिसाब से काम करती है. इस समय हम सभी दलों को मिलकर गांव, गरीब किसान को खुशहाली देने की सोचनी चाहिए. इसके बाद राजनीति कर भले आजमा लें कि किसमें कितना दम है. उन्होंने कहा कि अधिकतर दिल्ली में ही रहता हूं. महाराष्ट्र की राजनीति के बारे में मुझे ज्यादा पता नहीं.
ठाकरे और फडणवीस के सलाह लेने पर गडकरी ने कहा कि अजीत पवार, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, देवेंद्र फडणवीस, सबसे मिलता रहता हूं. अभी बात होती है तो कोरोना की लड़ाई कैसे जीती जाए, इसी को लेकर बात होती है. नारायण राणे के राष्ट्रपति शासन लगाने संबंधी बयान पर गडकरी ने कहा कि उन्होंने अपना विचार रखा है.
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि इस तरह की सरकारों ने कभी पांच साल पूरे किए हैं क्या, इस बयान पर गडकरी ने कहा कि इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. उन्होंने साफ कहा कि मेरा महाराष्ट्र की राजनीति में कोई रोल नहीं है.
बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन टूटने के पीछे कहीं गडकरी को मुख्यमंत्री ना बनाया जाना तो नहीं, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो काम दिया है, वह कर रहा हूं.