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रणवीर सिंह से INSECURE हुए शाहिद, डायरेक्टर के सामने रखी ये शर्त

रणवीर सिंह से INSECURE हुए शाहिद, डायरेक्टर के सामने रखी ये शर्त

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रणवीर सिंह और शाहिद कपूर
रणवीर सिंह और शाहिद कपूर

साल की मोस्ट अवेटेड फिल्म पद्मावती लगातार चर्चा में बनी हुई है. फिल्म का पहला ट्रेलर और गाना आ चुका है. अब सभी को दूसरे ट्रेलर और गाने का इंतजार है. लेकिन एक एक्टर ऐसा भी है जो पहले ट्रेलर से खुश नहीं है.

हम बात कर रहे हैं फिल्म में राजा रतन सिंह का किरदार निभा रहे शाहिद कपूर की. वह पहले ट्रेलर में दिखाए गए अपने रोल से खुश नहीं हैं. उन्हें लगता है कि हर जगह रणवीर सिंह और दीपिका की चर्चा हो रही है. उन दोनों को सारी वाहवाही मिल रही है. रतन सिंह का रोल लोगों को आकर्षित नहीं कर रहा है.

रोल को लेकर नाखुश शाहिद अपना गम लेकर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली से मिले. उन्होंने डायरेक्टर से अपील की कि उनके कैरेक्टर को दूसरे ट्रेलर में ज्यादा स्पेस मिले. शाहिद चाहते हैं सभी को उनका किरदार पंसद आए. बता दें, पद्मावती का दूसरा ट्रेलर कुछ ही दिनों में आने वाला है.

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जानें कैसा था फिल्म का पहला ट्रेलर

हाल ही में पद्मावती का 3D ट्रेलर लॉन्च किया गया है. इसके पहले ट्रेलर में दीपिका पादुकोण को रानी पद्मावती के किरदार में देखना मजेदार है. लेकिन रणवीर यहां बाजी मारते नजर आए. बैड मैन लुक में अलाउद्दीन खि‍लजी के रोल में रणवीर का अंदाज काबिल-ए-तारीफ है. ट्रेलर में एक शब्द भी नहीं बोलने वाले रणवीर का लुक ही बहुत कुछ बोल गया है. वहीं शाहिद कपूर एक सभ्य और शालीन राजा के लुक में अपने किरदार राजा रावल रत्न सिंह के साथ न्याय करते नजर आए.

शाहिद को लगता है रणवीर से डर

इन दोनों एक्टर्स के बीच पहले भी रोल को लेकर पेंच फंसा था. शाहिद नहीं चाहते थे कि पद्मावती में रणवीर का रोल उन्हें ओवरशैडो करें. इसलिए उन्होंने भंसाली के सामने शर्त रखी कि उनका रोल भी रणवीर के बराबर ही दमदार बनाया जाएं.

जानें फिल्म 'पद्मावती' के बारे में

फिल्म पद्मावती एक ऐतिहासिक लव स्टोरी है. जिसमें रणवीर अलाउद्दीन खिलजी का किरदार निभा रहे हैं. दीपिका रानी पद्मावती और शाहिद उनके पति राजा रतन सिंह की भूमिका निभाएंगे. यह 1 दिसंबर को रिलीज होने वाली है. फिल्म में अलाउद्दीन और पद्मावती का प्रसंग सूफी कवि मल्लिक मुहम्मद जायसी ने शेर शाह सूरी के काल में 1540 में लिखा था. कहानियों के मुताबिक अलाउद्दीन रानी पर आसक्त था और उसने उन्हें हासिल करने के लिए चित्तौड़गढ़ पर हमला कर दिया था. हालांकि वह रानी के जीते जी ऐसा करने में कामयाब नहीं हुआ.

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