टीवी शो 'रॉ स्टार' के फिनाले को होस्ट कर रही मामले पर गौहर खान पहली बार रूबरू हुईं. गौहर ने इस मामले के बारे पूछे गए सवालों के कुछ इस तरह से जवाब दिए. गोहर बोलीं 'हां मुझ पर अटैक हुआ था, शारीरिक रूप से ज़्यादा हुआ था, वैसे उस कायर ने जो भी करने और जताने की कोशिश की, वो गलत थी, जो भी मैं मीडिया में पढ़ती हूं उससे पता चलता है की उसकी सोच और भी बुरी थी!
1. पहली बात तो ये कि वो बेवकूफ कौन होता है बताने वाला कि एक लड़की को क्या पहनना चाहिए.
2. उस हारे हुए इंसान को इस बात का डर नहीं था कि एक निहत्थी, बिना तैयार और पूरी तरह से अपने काम में व्यस्त लड़की के ऊपर हमला कर के क्या मिलेगा.
3. अगर एक्ट्रेसेस ऐसे गंदे दिमाग वाले लोगों से असुरक्षित हैं तो उन लड़कियों का क्या जो बेचारी यहां काम करने आती हैं.
4. इससे मुझे इस बात का एहसास होता है कि एक इंसान की ऐसी सोच हो सकती है कि वो किसी महिला पर हाथ उठा सकता है, अगर वो एक ओपीनियन था तो, भीड़ का हिस्सा 3 दिनों तक क्यों बना हुआ था? उसके पास इंडस्ट्री के जूनियर आर्टिस्ट का कार्ड क्यों है
5. उसे ऐसे घिनौने काम के लिए किसने अधिकार दिया.
6. अगर किसी को किसी बात से इत्तेफाक नहीं है, तो उसे अधिकार है अनशन करने का, शांति के साथ धरना देने का, बात करने का, ना कि बिना वजह किसी पर हमला करने का, वो भी इस सोच के साथ कि वो बच जाएगा.
7. एक अच्छी शिक्षा में ये कभी नहीं सिखाया जाता कि आप जो हासिल करना चाहते हो उसके लिए हिंसा करो.
8. मुझ पर अटैक कर के उसे ये लगा कि एक एक्ट्रेस पर हमला करके वो अपनी गन्दी सोच को आगे बढ़ा सकता है, मैं आग्रह करना चाहूंगी हर एक महिला से कि वे
9. मैं यहां पर किसी तरह के पहनावे को प्रमोट करने के लिए नहीं आई हूं, मेरा बस ये कहना है कि किसी को भी यह हक नहीं कि वे किसी के पहनावे को लेकर उस पर हमला करे और चाहे वो आदमी हो या औरत सभी को अपने हिसाब से अपने पहनावे को चुनने का अधिकार है.
10. मुझे अपने देश के कानून पर पूरा विश्वास है कि मेरे साथ साथ हर एक लड़की को न्याय मिलेगा, जो ऐसे हमलों का शिकार होती हैं.
11. मैं मीडिया से भी अपील करना चाहूंगी कि वो ऐसी लड़कियों का दर्द समझे, और इस तरह के हमले की शिकार लड़कियों का साथ दे.
12. मैंने हमला होने के बावजूद भी शूटिंग पूरी की, सिर्फ इस बात को सिद्ध करने के लिए कि हर एक लड़की जो मुझे देख रही है, वो भी अपने ऊपर होने वाले किसी भी जुल्म को सिर्फ बैठे बैठे ना सहे, अपना सर ऊंचा करके जिए.
13. मुझे पता है ये कायर इंसान देश के युवा का प्रतिनिधित्व नहीं करता है, क्योंकि जो और भी लोग उसके आस पास थे, उन सबने इसके अत्याचार का विरोध किया,
14. मैं अपने पूरे परिवार, करीबी दोस्तों, मीडिया के लोगों, फैंस कि शुक्रगुज़ार हूं, जो मेरे साथ ऐसे वक़्त पर खड़े हैं, और मैं विशवास दिलाना चाहती हूं, कि हां मैं दुखी हूं पर टूटी नहीं हूं, मुझे पीड़ा है पर मैं कमज़ोर नहीं हूं, मुझे घाव लगा है, पर मैं और भी मजबूत बनी हूं.
15. मुझे रोहतक कि लड़कियों पर गर्व है, मैं शॉक में थी कि मुझे पता ही नहीं था कि मेरे साथ क्या हुआ, मैं उस वक्त भी इंसानियत के नाते सोच रही थी कि उसने मुझे क्यों मारा? मैं बहुत डरी हुई हूं, किसी के भी मजहब के बारे में किसी को कहने का कोई हक नहीं, मुझे गर्व है कि फरहान अख्तर अपने 'मर्द' कम्पैन को आगे लेकर चलते हैं.
16. हर धर्म में पर्दा प्रथा है, अगर कपड़ों का मसला इतना बड़ा है तो बातचीत की जा सकती है, किसी को मारना सही नहीं है, इससे पता चलता है कि उसकी शिक्षा दीक्षा कैसी हुई है.
17. अब किसी फैन के साथ फोटो भी खिंचवाने से पहले दस बार सोचूंगी, मेरा आधा चेहरा अभी भी दर्द में है, प्लीज सभी सपोर्ट करें, प्लीज गलत को सपोर्ट ना करें, अपनी जिंदगी जिएं और जीने दें, काश ऊपरवाला ऐसे लोगों को सही शिक्षा दे.