बात पिछले हफ्ते (18 दिसंबर) की है. को एक नामी अवॉर्ड फंक्शन में अवॉर्ड दिया जाना था. अब ऐसे में रणदीप का खुश होना लाजिमी था लेकिन यह दिन रणदीप के लिए खुशगवार ना होकर इतना बुरा रहा कि नाराज रणदीप बिना अवॉर्ड लिए ही घर लौट आए.
तो हुआ यूं कि उस दिन हो रहे अवॉर्ड फंक्शन में सारी चीजें इतनी अव्यवस्थित थीं कि जिसे देखकर किसी को भी गुस्सा आ सकता था. रणदीप को अवॉर्ड फंक्शन के लिए शाम 7:30 बजे बुलाया गया था और उन्हें आश्वस्त किया गया था कि उन्हें रात 8:30 बजे तक अवॉर्ड दे दिया जाएगा लेकिन अपने बुलावे का इंतजार करते रणदीप रात 9 बजे तक सिर्फ इंतजार ही करते रहे. आखिरकार परेशान और उनका अवॉर्ड उनकी जगह पर किसी और ने लिया.
इस मामले पर कहते हैं, 'जी हां यह बात सच है कि उस अवॉर्ड फंक्शन में मैं गया जरूर था लेकिन बिना अवॉर्ड लिए ही वापस आ गया. दरअसल मैं बोर हो गया था इसीलिए मैं वहां से उठकर चला आया. उसके बाद क्या हुआ मुझे नहीं पता लेकिन इससे अधिक मैं वहां नहीं बैठ सकता था. फिलहाल वह अवॉर्ड मेरे पास है.