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'सतलुज' की जांच के लिए सरकार ने बनाई हाई-लेवल कमेटी, फिल्म विवाद में आया नया ट्व‍िस्ट

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' (पहले 'पंजाब 95') को जी5 से अचानक हटाए जाने के बाद विवाद में एक नया मोड़ आ गया है. भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने इस फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए एक हाई लेवल, इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) का गठन किया है जो फिल्म के कंटेंट की जांच करेगी.

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'सतलुज' के कंटेंट की जांच के लिए सरकार ने बनाई कमेटी (Photo: IMDB)
'सतलुज' के कंटेंट की जांच के लिए सरकार ने बनाई कमेटी (Photo: IMDB)

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' (पहले 'पंजाब 95') के जी5 से हटने पर छिड़े विवाद में एक नया मोड़ आ गया है. भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting- MIB) ने इस फिल्म के कंटेंट की जांच के लिए एक हाई लेवल, इंटर-डिपार्टमेंटल कमेटी (IDC) बनाई है. सोमवार को सामने आया था कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ही ज़ी5 को 'सतलुज' की streaming रोकने का निर्देश दिया था.

चार साल थिएटर्स में रिलीज के लिए CBFC सर्टिफिकेट का इंतजार करती इस फिल्म को आखिरकार मेकर्स ने बिना किसी चर्चा या प्रमोशन के ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर अचानक रिलीज कर दिया था. लेकिन शुक्रवार को रिलीज हुई इस फिल्म को केवल 48 घंटों बाद, संडे को हटा भी दिया गया.

'सतलुज' के कंटेंट की होगी जांच

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' के कंटेंट की जांच के लिए एक IDC बनाई गई है. MIB ने सोमवार को यह समिति बनाई. 'सतलुज' की कहानी पंजाब के ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा के लापता होने की घटना पर आधारित है. मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने ये आदेश आईटी एक्ट की धारा 69ए और आईटी रूल्स, 2021 के पार्ट-3 के तहत जारी किया है.

क्या है आईटी एक्ट 69ए?

आईटी एक्ट का सेक्शन 69ए केंद्र सरकार को यह अधिकार देता है कि वो सार्वजनिक व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा, देश की संप्रभुता और अखंडता जैसे आधारों पर ऑनलाइन कंटेंट को ब्लॉक करने या हटाने का निर्देश दे सकती है.

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वहीं आईटी रूल्स, 2021 का पार्ट-3, ओटीटी प्लेटफॉर्म और डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स को भी इस दायरे में लाता है. इसके तहत MIB ऐसे प्लेटफॉर्म्स को जरूरी निर्देश जारी कर सकता है.

MIB के एक सीनियर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मामले की जांच अब IDC करेगी. इसका गठन आईटी रूल्स के रूल नंबर 14 के तहत किया गया है. इस कमेटी को कंटेंट से जुड़ी शिकायत पर केंद्र सरकार को अपने सुझाव देने का अधिकार है.

'पंजाब 95' से 'सतलुज' तक

दिलजीत दोसांझ की फिल्म पंजाब के दिवंगत ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित है. उन्होंने पंजाब में जारी उग्रवाद के दौर में पुलिस के फेक एनकाउंटर्स का काला सच सामने लाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी. जसवंत का 1995 में अपहरण कर लिया गया था और उसके बाद उनका कभी पता नहीं चला.

पहले फिल्म का नाम 'पंजाब 95' था. इसे पहली बार 2022 में CBFC के पास भेजा गया था. तब बोर्ड ने इस फिल्म में 22 कट्स सुझाए थे. लेकिन साल दर साल बोर्ड अपने सुझाव बदलता गया और 2025 तक उनके कहे बदलावों की गिनती 127 तक पहुंच गई थी. मेकर्स ने इस आधार पर फिल्म में ये बदलाव करने से इनकार कर दिया था कि उन्हें बदलावों का लॉजिक नहीं बताया गया. इसके बाद फिल्म बिना किसी कट के शुक्रवार को ज़ी5 पर रिलीज हुई, लेकिन रविवार तक प्लेटफॉर्म ने घोषणा कर दी कि फिल्म अब भारत में उपलब्ध नहीं रहेगी.

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मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, बिना कट वाली फिल्म रिलीज होने के तुरंत बाद सरकार की ओर से ज़ी5 को यह निर्देश भेजा गया होगा. हालांकि, जी5 ने अपने स्टेटमेंट में फैंस से वादा किया कि वो फिल्म को वापस लाने की कोशिश जरूर करेंगे. अब ये देखना दिलचस्प होगा कि इस 'सतलुज' का भविष्य आगे क्या होगा.

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