
रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' 2 में बड़ा बवाल मचा है. शो एक बड़ी कंट्रोवर्सी में फंस गया है. जिसने इसकी साख और रियल कंटेंट पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. इंडियन क्रिकेटर शुभमन गिल की बहन शहनील ने मैच फिक्सिंग का बड़ा आरोप लगाया है. उनका दावा है कि एक कंटेस्टेंट ने प्रोडक्शन की तरफ से मिले शैडो को पैसे देकर ट्रेटर का पता लगाया और गेम में बेइमानी की.
शहनील ने ये आरोप लगाते हुए किसी का नाम नहीं लिया. लेकिन सभी जान गए कि यहां पर वो पारुल गुलाटी की बात कर रही हैं. क्योंकि पारुल ने शो में ट्रेटर को लेकर कई बार सही अंदाजा लगाया. उन्होंने हरमन सिंह, क्रिस्टल डिसूजा का नाम अपनी गट फीलिंग बताकर एक्सपोज किया. इन ट्रेटर्स का नाम वो हर दिन सुबह ब्रेकफास्ट टेबल पर उछालतीं. फिर बाकी खिलाड़ियों को उस नाम पर राजी होने के लिए मैन्युपुलेट करती थीं.
पारुल ट्रेटर को लेकर इतनी श्योर थीं कि हर कोई हैरान था. एक्ट्रेस ने ये तक कहा कि अगर ये शख्स ट्रेटर नहीं निकला तो वो अपनी कंपनी बंद कर देंगी. पारुल के इन दावों के पीछे की वजह को अब शहनील और क्रिस्टल डिसूजा ने रिवील किया है.
पारुल ने दिया जवाब
पारुल ने इंस्टा पर खुद पर लगे आरोपों पर रिएक्ट किया है. उन्होंने लिखा- सब जगह उनके खिलाफ सर्कल ऑफ शक चल रहा है. लेकिन सबसे बड़ी बात ये है कि वो यहां पर भी इनोसेंट हैं. पारुल के इस रिएक्शन पर शहनील या बाकी कंटेस्टेंट का कोई रिएक्शन नहीं आया है.
लेकिन शहनील के दावों ने इंटरनेट पर तूफान मचा दिया है. हालांकि शहनील ने शो के मेकर्स को इन आरोपों से दूर रखा. उन्होंने इंस्टा स्टोरी पर वीडियो पोस्ट किया. इसमें वो हाथ जोड़कर माफी मांगती दिख रही हैं. उन्होंने साफ कहा कि इन आरोपों से मेकर्स का कोई लेना देना नहीं है. आखिर वो नहीं जानते किस कंटेस्टेंट के दिमाग में क्या चल रहा है. इसमें सारी गलती कंटेस्टेंट की है जो नियमों को ताक पर रखकर जीतने की कोशिश कर रहा था.

शहनील ने क्या आरोप लगाए?
क्रिकेटर की बहन ने इंस्टा वीडियो में कहा- द ट्रेटर्स में मैच फिक्सिंग हुई है. हर कंटेस्टेंट के साथ प्रोडक्शन की तरफ से एक शैडो होता है. लेकिन दावा है कि एक मासूम शैडो को पैसे देकर गेम के अंदर की जानकारी एक खास कंटेस्टेंट तक पहुंचाई जा रही थी. क्योंकि हर सुबह वो कहता था कि मुझे लगता है कि ये इंसान ट्रेटर है. लेकिन ये गट फीलिंग आती कहां से थी? मुझे भी चाहिए ऐसी गट फीलिंग. लेकिन अब पता चला कि उस गट फीलिंग के पीछे कोई सोर्स था. ये बहुत दुखद है.